सदिशों के योग का समान्तर चतुर्भुज नियम- इस नियम के अनुसार यदि किन्ही दो सदिशों को परिमाण एवं दिशा में किसी समान्तर के आसन्न भुजाओं द्वारा प्रदर्शित किया जाये तो उनके परिणामी को परिमाण एवं दिशा में विकर्ण के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
परिणामी सदिश के लिए गणितीय सूत्र- समकोण `DeltaCDA` में,
`sintheta=(CD)/(AC)`
या `CD=ACsintheta`
`=bsintheta, (because AC=OB=b)`
तथा `costheta=(AD)/(AC)`
`impliesAD=ACcostheta=bcostheta`
अब समकोण `DeltaCDO` में पाइथागोरस प्रमेय से,
`OC^(2)=OD^(2)+CD^(2)`
`=(OA+AD)^(2)+CD^(2)`
या `r^(2)=(a+bcostheta)^(2)+(bsintheta)^(2)`
`=a^(2)+b^(2)cos^(2)theta+2abcostheta+b^(2)sin^(2)theta`
`=a^(2)+2abcostheta+b^(2)(cos^(2)theta+sin^(2)theta)`
या `r^(2)=a^(2)+b^(2)+2abcostheta, (becausecos^(2)theta+sin^(2)theta=1)`
`therefore r=sqrt(a^(2)+b^(2)+2abcostheta)`
यही परिणामी सदिश के लिए व्यंजक है।
यदि परिणामी `vecr, veca` के साथ कोण `alpha` बनाता हो, तो
समकोण `DeltaCDO` में,
`tanalpha=(CD)/(OD)=(CD)/(OA+AD)=(bsintheta)/(a+bsintheta)`
या `alpha=tan^(-1)((bsintheta)/(a+bcostheta))` यही परिणामी `vecr` की दिशा के लिए व्यंजक है।
