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Class 11
PHYSICS
m(1) तथा m(2) द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक...

`m_(1)` तथा `m_(2)` द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा में क्रमशः `u_(1)` तथा `u_(2)` वेग से गति करती हुई प्रत्यास्थ संघट्ट करती है। संघट्ट के पश्चात इनके वेग के लिए व्यंजक लिखिये। क्या होगा यदि-
हल्का पिण्ड प्रारम्भ में विरामावस्था में है

लिखित उत्तर

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माना तथा द्रव्यमान की दो वस्तुएँ A तथा B एक ही दिशा में क्रमशः `u_(1)` तथा `u_(2)` वेग से गतिमान है। इनके बीच संघट्ट होने से वे उसी दिशा में `v_(1)` तथा `v_(2)` वेग से चलने लगती है।
चूँकि संघट्ट पूर्णतः प्रत्यास्थ है, अतः संघट्ट के पूर्व संवेग = संघट्ट के पश्चात संवेग
`m_(1)u_(1)+m_(2)u_(2)=m_(1)v_(1)+m_(2)v_(2)`
या `m_(1)u_(1)-m_(1)v_(1)=m_(2)v_(2)-m_(2)u_(2)" "...(1)`
या `m_(1)(u_(1)-v_(1))=m_(2)(v_(2)-u_(2))" "...(1)`
चूँकि संघट्ट पूर्णतः प्रत्यास्थ है, अतः
संघट्ट के पूर्व गतिज ऊर्जा = संघट्ट के पश्चात कुल गतिज ऊर्जा
`(1)/(2)m_(1)u_(1)^(2)+(1)/(2)m_(2)u_(2)^(2)=(1)/(2)m_(1)v_(1)^(2)+(1)/(2)m_(2)v_(2)^(2)`
या `m_(1)u_(1)^(2)-m_(1)v_(1)^(2)=m_(2)v_(2)^(2)-m_(2)u_(2)^(2)`
`therefore" "m_(1)(u_(1)-v_(1))(u_(1)+v_(1))=m_(2)(v_(2)-u_(2))(v_(2)+u_(2))" "...(2)`
समी. (2) में समी. (1) का भाग देने पर,
`u_(1)+v_(1)=u_(2)+v_(2)`
या `u_(1)-u_(2)=v_(2)-v_(1)" "...(3)`
अर्थात पास आने का आपेक्षिक वेग = दूर जाने का आपेक्षिक वेग
संघट्ट के पश्चात वेगो की गणना-
(1) वस्तु A का वेग- समी. (3) से,
`v_(2)=u_(1)-u_(2)+v_(1)`
यह मान समी. (1) में रखने पर,
`m_(1)(u_(1)-v_(1))=m_(2)(u_(1)-u_(2)+v_(1)-u_(2))`
या `u_(1)(m_(1)-m_(2))+2m_(2)u_(2)=(m_(1)+m_(2))v_(1)`
`therefore v_(1)=((m_(1)-m_(2))/(m_(1)+m_(2)))u_(1)+((2m_(2))/(m_(1)+m_(2)))u_(2)" "...(4)`
वस्तु B का वेग- समी. (3) से,
`v_(1)=v_(2)+u_(2)-u_(1)`
यह मान समी. (1) में रखने पर,
`m_(1)(u_(1)-v_(2)-u_(2)+u_(1))=m_(2)(v_(2)-u_(2))`
या `2m_(1)u_(1)-(m_(1)-m_(2))u_(2)=(m_(1)+m_(2))v_(2)`
अतः `v_(2)=((2m_(1))/(m_(1)+m_(2)))u_(1)-((m_(1)-m_(2))/(m_(1)+m_(2)))u_(2)" "...(5)`
स्थितियाँ- (1) जब दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान समान हो अर्थात `m_(1)=m_(2)`
तब समी. (4) से, `v_(1)=u_(2)`
एवं समी. (5) से, `v_(2)=u_(1)`
अर्थात समान द्रव्यमान की वस्तुएँ प्रत्यास्थ संघट्ट होने से अपने वेग को परस्पर बदल लेती है।
`(2)m_(2)` द्रव्यमान की वस्तु B विरामावस्था में है-
अर्थात `u_(2)=0`
तब समी. (4) से, `v_(1)=((m_(1)-m_(2))/(m_(1)+m_(2)))u_(1)" "...(6)`
एवं समी (5) से, `v_(2)=((2m_(1))/(m_(1)+m_(2)))u_(1)" "...(7)`
यदि `m_(1)=m_(2)=m` (मानलो)
तब समी. (6) से, `v_(1)=0`
एवं समी. (7) से, `v_(2)=u_(1)`
इस प्रकार समान द्रव्यमान की दो वस्तुओं में प्रत्यास्थ संघट्ट में यदि दूसरी वस्तु विरामावस्था में है, तो संघट्ट के पश्चात पहली वस्तु विरामावस्था में आ जाती है तथा दूसरी वस्तु पहली वस्तु के वेग से चलने लगती है।
(3) यदि वस्तु B का द्रव्यमान `m_(2)` वस्तु A के द्रव्यमान की तुलना में नगण्य हो अर्थात `m_(2)ltltm_(1)` तब
समी. (6) से, `v_(1)=u_(1)`
एवं समी. (7) से, `v_(2)=2u_(1)`
इस प्रकार जब भारी वस्तु किसी स्थिर हल्की वस्तु से टकराती है, तो भारी वस्तु उसी वेग से चलती रहती है, किन्तु हल्की वस्तु भारी वस्तु के दो गुने वेग से चलने लगती है।
(4) यदि वस्तु A का द्रव्यमान `m_(1)`, वस्तु B के द्रव्यमान `m_(2)` की तुलना में नगण्य हो, तो-
समी. (6) से, `v_(1)=-u_(1)`
एवं समी. (7) से, `v_(2)=(2m_(1))/(m_(2))u_(1)=0`
अर्थात जब हल्की वस्तु, स्थिर भारी वस्तु से टकराती है, तो भारी वस्तु स्थिर ही रहती है किन्तु हल्की वस्तु उसी वेग से विपरीत दिशा में चलने लगती है।
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