आनुवंशिक रूपान्तरित फसलों के लाभ व हानि का वर्णन कीजिए।
लिखित उत्तर
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(A) आनुवंशिक रूपान्तरित फसलों के उत्पादन के लाभ - (लघु उत्तरीय प्रश्न 5 का उत्तर देखे।) (B) आनुवंशिक रूपान्तरित फसलों के उत्पादन की हानियाँ - (i) आनुवंशिक रूपान्तरित फसलों में वांछित जीन के साथ - साथ कुछ अन्य जीन भी उपस्थित होते है , जैसे - एंटीबायोटिक प्रतिरोधक जीन। इन जीनों के उत्पाद एलर्जी जैसी प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया अथवा अन्य कोई स्वास्थ्य उत्पन्न कर सकते है (ii) जी. एम. फसलों से मनुष्य व. पर्यावरण पर पड़ने वाले दीर्घकालीन प्रभाव अभी पूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन नहीं हुआ है। इनसे दीर्घावधि में कुछ समस्याओं का जन्म हो सकता है। मनुष्य की आंत के मित्र फ्लोरा (Friendly flora) अर्थात लाभदायक जीवाणुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। (iii) ऐसी कोई विजातीय जीन पराग कणो के माध्यम से लाभकायी जीवों (जैसे - मधुमक्खी , जैसे परागणकर्त्ता) पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है | (iv) फसलों में आनुवांशिक फेरबदल करने पर उस पर निर्भर रहने वाले या एक समुदाय बनाने वाले जीवधारियों के ताने - बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इन फसलों से वहाँ की मूलज या देसी प्रजातियाँ प्रभावित होती है। फलस्वरूप पारिस्थितिक तंत्र में अस्थिरता पैदा हो सकती है (v) नैतिक दृष्टि से मनुष्य का फसलों या किसी अन्य जीव के आनुवंशिक ढाँचे में उलट - फेर ठीक नहीं है। यह प्रकृति के नियमो का भी उल्लंघन है।