Home
Class 12
BIOLOGY
मूलरोमों द्वारा खनिज पोषकों की विधियों क...

मूलरोमों द्वारा खनिज पोषकों की विधियों का सचित्र वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

पादपों में जीन स्थानान्तरण की विधियाँ-पादपों में जीन स्थानान्तरण कई विधियों द्वारा किया जा सकता है। इनमें से निम्नांकित दो विधियाँ अधिक प्रभावी व प्रचलित हैं-
(अ) वाहक निर्देशित अथवा अप्रत्यक्ष जीन स्थानान्तरण (Vector mediated or Indirect gene transfer)
(देखें विस्तृत उत्तरीय प्रश्न 3)
(ब) प्रत्यक्ष जीन स्थानान्तरण (Direct gene transfer) पादपों में प्रत्यक्ष जीन स्थानान्तरण निम्नलिखित विधियों से किया जा सकता है-
(क) रासायनिक विधियाँ (Chemical Methods)-कुछ रसायन जैसे पॉलिईथाइलिन ग्लाइकोल (PEG), पॉलिविनाइल ऐल्कोहल, कैल्सियम फॉस्फेट आदि रासायनिक पदार्थ पादप जीवद्रव्यकों में DNA के प्रवेश को प्रेरित करते हैं। रासायनिक विधियों में PEG का उपयोग बहुतायत से हुआ है। इस विधि में जीवद्रव्यकों में पहले प्लाज्मिड DNA तथा कुछ समय पश्चात 15-25 प्रतिशत PEG मिलाया जाता है। PEG की यह मात्रा जीवद्रव्यकों में DNA अन्तर्ग्रहण को प्रेरित करती है। PEG निर्देशित जीन स्थानान्तरण में जीवद्रव्यकों को किसी भी प्रकार की हानि नहीं होती है। इस प्रकार रूपान्तरित जीवद्रव्यकों को चयनित माध्यम (Selected medium) पर संवर्धित कर मार्कर जीनों की सहायता से रूपान्तरित जीवद्रव्यकों का चयन कर लिया जाता है। लिपोसोम्स डाई ईथाइल अमीनो ईथाइल (DEAE) 'डेक्सट्रॉन प्रोटीन्स आदि के द्वारा भी पादपों एवं जन्तुओं में जीन स्थानान्तरण किया जा सकता है।
(ख) जीन स्थानान्तरण की भौतिक विधियाँ (Physical methods of gene transfer)-पादपों में प्रत्यक्ष जीन स्थानान्तरण कई भौतिक विधियों द्वारा भी प्रभावी रूप से किया जाता है। कुछ प्रमुख भौतिक विधियाँ निम्नलिखित हैं-
(1) जीन गन (Gene Gun)-जीन गन को कणिका बंदूक (Particle gun), शॉट गन (Shot gun), माइक्रोप्रोजेक्टाइल (Micro projectile) आदि नामों से भी जाना जाता है। इस युक्ति से भित्ति युक्त पादप कोशिकाओं में जीन स्थानान्तरण सम्भव है। इस तकनीक का सर्वप्रथम प्रयोग सन् 1987 में क्लीन (Klein) द्वारा प्याज की कोशिकाओं में DNA तथा वाइरस RNA स्थानान्तरण हेतु किया गया था।
इस प्रक्रिया में वांछित DNA से विलोपित स्वर्ण अथवा टंगस्टन के 1-3 माइक्रो मीटर व्यास के कणों को जिन्हें माइक्रोपार्टिकल्स अथवा सूक्ष्मकणिकाएँ भी कहते हैं, को मेक्रोप्रोजेक्टाइल की सहायता से उच्च वेग से लक्ष्य कोशिकाओं में दाग दिया जाता है। ये वांछित DNA से विलोपित स्वर्ण अथवा टंगस्टन के कण कोशिका भित्ति को भेदकर कोशिका के अन्दर प्रविष्ट हो जाते हैं जहाँ वांछित DNA पादप कोशिका के DNA से समाकलित होकर ट्रांसजैनिक DNA का निर्माण करता है। इस विधि के उपयोग से सायाबीन, गेहूँ, धान मक्का, तम्बाकू आदि में सफलतापूर्वक जीन स्थानान्तरित किए जा चुके है। यह विधि विश्व स्तर पर सभी प्रकार के पादपों के लिए प्रयोग में लायी जा रही है।
(2) वैद्युत छिद्रण-जीन स्थानान्तरण की इस विधि में लक्ष्य प्रोटोप्लास्ट (जीवद्रव्यक), पादप कोशिकाओं अथवा ऊतकों को उच्च वोल्टता के स्पन्द दिए जाते हैं जिससे प्लाज्माकला में क्षणिक अस्थायी छिद्र बन जाते हैं। इन क्षणिक बनने वाले छिद्रों के द्वारा वांछित DNA कोशिकाओं में प्रवेश कर जाता है। लक्ष्य कोशिकाओं अथवा ऊतकों को वांछित DNA युक्त घोल में रखकर उच्च वोल्टता के स्पंद दिए जाते हैं जिससे यह DNA पहले कोशिका तथा बाद में केन्द्रक में प्रवेश कर कोशिका के DNA में समाकलित हो जाता है। एकबीजपत्री पादपों में जीनस्थानान्तरण हेतु इस विधि का वहत् स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
(3) लिपोसोम की मध्यस्थता द्वारा जीन स्थानान्तरण- जीन स्थानान्तरण की इस विधि में गोलाकार वसीय अणुओं (Lipid molecules) का उपयोग किया जाता है, जिनके भीतर जल के साथ पांछित DNA भरा रहता है। ये DNA युक्त लिपिड केप्स्यूल पहले कोशिका कला से चिपक जाते हैं तत्पश्चात उससे संयुग्मित हो जाते हैं।इनमें उपस्थित वांछित DNA पहले कोशिका में तथा बाद में केन्द्रक में प्रवेश कर पोषक संजीन से समाकलित हो जाता है।
लिपोसोम निर्देशित जीन स्थानान्तरण की तकनीक जिसे लिपोफेक्सन (Lipofection) भी कहते हैं, जीवाणुओं, जन्तुओं व पादप कोशिकाओं में जीन स्थानान्तरण की अत्यधिक प्रभावी तकनीक है।
(4) सूक्ष्म इंजेक्शन-इस विधि के द्वारा वांछित DNA को सीधे ही पादप जीवद्रव्यकों अथवा कोशिकाओं में 0.5-1.0 माइक्रोमीटर व्यास की काँच की सूई अथवा माइक्रोपिपेट की सहायता से कोशिकाद्रव्य अथवा केन्द्रक में अन्त: क्षेपित (Inject) किया जाता है। पृथक्कृत जीवद्रव्यकों में जीन स्थानान्तरण की यह उपयुक्त विधि है।
उपरोक्त जीन स्थानान्तरण की विधियों के अतिरिक्त निम्नलिखित विधियों का भी जीन स्थानान्तरण में उपयोग किया जाता है।
(5) लेडर निर्धारित जीन स्थानान्तरण।
(6) सिलिकोन कार्बाइड तन्तु निर्धारित जीन स्थानान्तरण।

Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • पादप ऊतक संवर्धन

    MITTAL PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न)|8 Videos
  • पादप ऊतक संवर्धन

    MITTAL PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघूत्तरात्मक प्रश्न)|3 Videos
  • पादप ऊतक संवर्धन

    MITTAL PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर (लघूत्तरात्मक प्रश्न)|8 Videos
  • नर एवं मादा युग्मकोद्भिद - संरचना एवं विकास

    MITTAL PUBLICATION|Exercise विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए|22 Videos
  • पादप जनन की विशिष्ट विधियाँ

    MITTAL PUBLICATION|Exercise विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रश्न|14 Videos