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BIOLOGY
गुणसूत्र किसे कहते है तथा इसकी खोज सर्वप...

गुणसूत्र किसे कहते है तथा इसकी खोज सर्वप्रथम किस वैज्ञानिक ने की एवं यह कितने प्रकार के होते हैं?

लिखित उत्तर

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सर्वप्रथम ग्रेगर जॉन मेण्डल (Gregore Jonn Mendel) ने आनुवंशिकता (Heredity) पर खोज की तथा आनुवंशिकता के नियमों को प्रतिपादित किया था। अत: मेण्डल को आनुवंशिकता का जनक कहा जाता है। मेण्डल का जन्म सन् 1822 ई. में आस्ट्रिया में एक गरीब किसान के घर में हुआ था। बचपन से ही उन्हें पौधों में रुचि थी, उनकी प्रारम्भिक शिक्षा एक प्राइवेट अध्यापक के द्वारा हुई। सन् 1843 ई. में वह एक साधु (Monk) के रूप में आस्ट्रिया के एक चर्च में गये, जहाँ उन्होंने कुछ समय तक अध्यापक के रूप में कार्य किया। इसके बाद वह उच्च चित्र-नगर जान मण्डल शिक्षा के अध्ययन के लिए बियाना विश्वविद्यालय में गये जहाँ उन्होंने भौतिक विज्ञान एवं गणित विषय का अध्ययन किया। सन् 1845 ई. में वह चर्च में आकर पुनः अध्यापन कार्य करने लगे। इस बार उन्हें जीव विज्ञान में विशेष रुचि उत्पन्न हुई। सन् 1857 ई. में मेण्डल ने चर्च (मठ) के पास एक ही बगीचे में मटर में संकरण (Hybridization) के प्रयोग किये। सन् 1856 ई. में उन्होंने अपने प्रयोगों का गणित से अनुपात निकाला। उन्होंने अपने इस कार्य को जिन्हें आज 'मेण्डल के नियम' से जाना जाता है, को सन् 1866 ई. में Natural History Society of Brunn में प्रकाशित भी किया था। किन्तु दुर्भाग्यवश, मेण्डल के इस महान कार्य की ओर तत्कालीन वैज्ञानिक आकर्षित नहीं हुए, क्योंकि तब वे वैज्ञानिक उस समय डार्विन की पुस्तक 'Origin of Species' के प्रतिवादों में उलझे हुए थे। 34 वर्षों तक मेण्डल के कार्यों की ओर कोई ध्यान या महत्व नहीं दिया गया और यह महान वैज्ञानिक अपने कार्यों की प्रशंसा सुने व देखे बिना ही सन् 1884 में स्वर्ग सिधार गये।सन् 1900 में मेण्डल की मृत्यु के उपरान्त कुछ अन्य वैज्ञानिकों जैसे डच जीव वैज्ञानिक ह्यूगो डी ब्रीज (Hugo de Vries), जर्मन वनस्पति वैज्ञानिक कार्ल कोरेन्स (Carl Correns) तथा आस्ट्रेलियाई वनस्पति वैज्ञानिक एरिक वॉन शर्मक (Erick Von Tschemark) ने अलग-अलग वे ही परिणाम प्राप्त किये जो सन् 1865 में मेण्डल प्राप्त कर चुके थे और तब इस प्रकार उन्होंने मण्डल के नियमों की जन्तुओं और पौधों पर सत्यता की पुष्टि की।
आनुवंशिकता (Heredity) के आधारभूत सिद्धान्तों (Basic Principles) को प्रतिपादित करने के कारण ही मेण्डल को आज "आधुनिक आनुवंशिकता का जनक" (Father of genetics) कहा जाता है।
आनुवंशिकता- साधारणतया एक प्राणी की सन्तानें अपनी बहुत-सी विशेषताओं एवं गुणों में अपने माता-पिता के समान होती हैं। अर्थात् सन्तानों में अपने माता-पिता के गुण पाये जाते हैं। दूसरे शब्दों में, सन्ताने माता-पिता के गुणों को inherit कर लेती हैं तथा यह गुण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में बिना किसी परिवर्तन के पहुँचते रहते हैं। अत: "जीव-विज्ञान की वह शाखा जो आनुवंशिक गुणों (Heredity characters) के वंशानुक्रमण को प्रदर्शित करती है तथा जिसके अन्तर्गत आनुवंशिक गुणों का माता-पिता से सन्तानों में पहुंचने का अध्ययन किया जाता है, आनुवंशिक विज्ञान (Science of genetics) कहलाती है।" इस विज्ञान की नींव सर्वप्रथम ग्रेगर जॉन मेण्डल (Greore John Mendel) ने डाली थी।
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