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BIOLOGY
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लिखित उत्तर

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बहुभूणता का महत्व
(i)बीजाण्डकाय अथवा अध्यावरण से विकसित भ्रूण मातृ पादप के समान होते हैं।
(ii)बीजाण्डकाय से विकसित भरूणों से प्राप्त पौघे संकर ओज (Hybrid vigour) युक्त होते हैं।
(iii) बीजाण्डकाय से विकसित भ्रूण रोग रहित होते हैं। नींबू की किस्मों के विषाणु मुक्त (vinus free) क्लोन बीजाण्डकाय भ्रूणों के संवर्धन से प्राप्त किए जा सकते हैं।
(iv) अगुणित भ्रूणों का कोशिका विज्ञान के क्षेत्र में उपयोग किया जाता है। इन्हें कॉल्चिसिन द्वारा उपचारित कर समयुग्मकी लाइन (Homozygous linc) विकसित की जा सकती है।
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  1. वीर्य पर टिप्पणी लिखिए |

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  2. असंगजनन पर एक सारगर्भित लेख लिखिए।

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  3. बहुभ्रूणता पर विस्तृत निबन्ध लिखिए।

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