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BIOLOGY
परासरण विभव, दाब विभव व जल विभव की व्याख...

परासरण विभव, दाब विभव व जल विभव की व्याख्या कीजिए तथा इनके पारस्परिक सम्बन्धों को स्पष्ट कीजिए।

लिखित उत्तर

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शुद्ध जल के अणुओं की मुक्त ऊर्जा एवं विलयन में उपस्थित जल के अणुओं की मुक्त ऊर्जा के बीच के अन्तर को जल विभव (Water potential) कहते हैं । जल विभव को ग्रीक शब्द साई `(psi)` से दर्शाया जाता है। जल विभव की सामान्य इकाई पास्कल (Pa) होती है।
` जल विभव (psi) = [शुद्ध जल के अणुओं की मुक्त उर्जा] - [विलयन में जल के अणुओं की मुक्त उर्जा]`
आधुनिक विचारधारा के अनुसार विसरण दाब न्यूनता (DPD) को जल विभव `(psi_(W))`, परासरण दाब (OP) को परासरण विभव `(psi_(S))` तथा स्फीति दाब (TP) को दाब विभव `(psi_(P))` के रूप में दर्शाया जाता है। अतः इस अवधारण के आधार पर जल विभव, परासरणी विभव तथा दाब विभव में निम्न सम्बन्ध होता है-
जल विभव = परासरणी विभव + दाब विभव
`psi_(W) = psi_(S) + psi_(P)
जल विभव `(psi_(W))` तथा परासरणी विभव `(psi_(S))` का मान ऋणात्मक होता है जबकि दाब विभव `(psi_(P))` का मान धनात्मक होता है। शुद्ध जल का जल विभव मान शून्य (zero) होता है जो सर्वाधिक होता है।
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