Home
Class 12
PHYSICS
अनिश्चितता सिद्धान्त की परिभाषा लिखिये।...

अनिश्चितता सिद्धान्त की परिभाषा लिखिये।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

अनिश्चितता सिद्धान्त के अनुसार किसी भी एक क्षण (समय) पर एक क्ण की स्थिति और संवेग दोनों का एक साथ, एक ही दिशा में पूर्ण रूप से यथार्थ निर्धारण नहीं किया जा सकता है। इनमें से किसी एक के सही नापने के लिये अभिकल्पना की जाये तो दूसरे का निर्धारण पूर्णरूपेण अनिश्चितत हो जायेगा। यदि कण की स्थिति में अनिश्चितता `Deltar` तथा संवेग में अनिश्चितता `Delta p_(x)` हो तो `Deltax` एवं `Delta p_(x)` का गुणनफल कभी भी `(h)/(4pi)` से कम नहीं हो सकता। गणितीय रूप से `Deltax Deltap_(x) ge (h)/(2)`
यहाँ `h=(h)/(2pi=1.054xx10^(-34)` जूल-सेकण्ड होता है।
हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धान्त सूक्ष्म तथा स्थूल दोनों प्रकार के कणों के लिये होता है। वस्तुओं का आकार बड़ा होने के कारण इनकी स्थिति में अनिश्चितता नग्ण्य होती है। अत: स्थूल कणों में अनिश्चितता का सिद्धान्त प्रेक्षित नहीं होता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न (निबन्धात्मक प्रश्न)|6 Videos
  • प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न (आंकिक प्रश्न)|12 Videos
  • प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न (अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न)|7 Videos
  • प्रकाश की प्रकृत्ति

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise उच्च स्तरीय बुध्दि कौशल प्रश्न|15 Videos
  • प्रत्यावर्ती धारा

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न|96 Videos