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BIOLOGY
अंत्यावस्था (टिलोफेज), प्रोफेज से एकदम व...

अंत्यावस्था (टिलोफेज), प्रोफेज से एकदम विपरीत होती है' - इस कथन पर चर्चा कीजिए।

लिखित उत्तर

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अंत्यावस्था (Telophase), पूर्वावस्था (Prophase) के विपरीत होती है इसे दोनों के लक्षणों के द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है।
1 पूर्वावस्था (Prophase, , pro = before + phasis = stage)- यह केन्द्रक विभाजन की प्रारम्भिक अवस्था है। यह अन्य अवस्थाओं की अपेक्षा सबसे लम्बी अवधि की होती है। अध्ययन की सुविधा के ख्याल से इसे प्रारम्भिक, मध्य एवं अन्त्य (Early , Mid and Late) पूर्वावस्था में बांटा जा सकता है। इस अवस्था में से विभाजित जो रही कोशिकाओं में निम्न परिवर्तन परिलक्षित होते है -
(i) केन्द्रक गोलाकार तथा बड़ा दिखायी देता है।
(ii) कोशिकाद्रव्य अधिक सघन (Dense) तथा श्यान (Viscous) हो जाता है।
(iii) केन्द्रक के अन्दर स्थित क्रोमैटिन जालिका (Chromatin network) संघनित होकर गुणसूत्र अथवा क्रोमोसोम (Chromosaome) का निर्माण कर देता है। गुणसूत्रों की संख्या जीवो में हमेशा निश्चित होती है।
(iv) प्रारम्भिक अवस्था में गुणसूत्र अत्यन्त पतले एवं लम्बे होते है। ये धीरे-धीरे और अधिक संघनित होकर छोटे एवं मोटे होते जाते है।
(v) गुणसूत्र के छोटे एवं मोटे होने की क्रिया लगातार जारी रहती है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। की प्रारम्भिक पूर्वास्था में गुणसूत्र की लम्बाई मध्य अथवा अन्तिम पूर्वास्था में पायी जाने वाली गुणसूत्र की लम्बाई से 25 गुना अधिक होती है।
(vi) प्रत्येक गुणसूत्र दो अर्ध-गुणसूत्रों अथवा क्रोमैटिड्स (Chromatids) के बने दिखायी देते है। एक गुणसूत्र के दोनों क्रोमैटिड्स आपस में सेंट्रोमियार (Centromere) से जुड़े होते है।
(vii) जन्तु कोशिका से सेन्ट्रोसोम (Centrosome) दो सेन्ट्रिओल (Centrioles) में बाँट जाता है। दोनों सेन्ट्रिओल विपरीत ध्रुवो की और गति करने लगते है। अन्त में ये विपरीत ध्रुवो पर पहुँच जाते है।
(viii) दोनों सेन्ट्रिओल (Centrioles) के बीच अनेक तर्कु अथवा स्पिण्डल (Spindle) एकत्रित हो जाते है तथा तर्कु तन्तु ) Spindle fibres) का निर्माण करते है। पादप कोशिकाओं में सेंट्रोसोम तथा सेन्ट्रिओल नहीं पाये जाते , फिर भी दोनों ध्रुवो के बीच तर्कु तन्तु का निर्माण होता है।
(ix) केन्द्रक झिल्ली (Nuclear membrane) तथा केन्द्रिका (Nucleolus) धीरे - धीरे लुप्त होने लगते है।
(x) सभी गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा (Equator or Equtorial plate) की और गति करने लगते है।
2 अन्त्यावस्था (Telophase, telo = end + phasis = stage) - इस अवस्था में निम्नलिखित महत्वपूर्ण लक्षण दिखायी देते है -
(i) गुणसूत्र पूर्ण रूप से दोनों ध्रुवो पर पहुंच जाते है।
(ii) इस अवस्था में पूर्वास्था अथवा प्रोफेज के विपरीत प्रक्रियाएँ होती है। अर्थात गुणसूत्र धीरे-धीरे लम्बे तथा पतले होने लगते है। अन्त में ये क्रोमेटिन जालिक के रूप में बदल जाते है।
(iii) केन्द्रक के चारो ओर केन्द्रक झिल्ली तथा केन्द्रक के अंदर केन्द्रका का निर्माण होने लगता है।
(vi) जन्तु कोशिका में सेन्ट्रिओल दो भागो में विभाजित होकर सेन्ट्रोसोम का निर्माण करता है।
(v) तर्कु उपकरण समाप्त होने लगते है।
(vi) इस प्रकार टिलोफेज के अन्त में विभाजित हो रही है कोशिका के दोनों ध्रुवो पर एक-एक केन्द्रक बन जाते है। इन केन्द्रको में गुणसूत्रों की संख्या मातृकोशिका क्रोमेटिड के बने होते है , अतः इनमे DNA की मात्रा आधी होती है जिसे '2C' द्वारा दर्शाया जाता है। इन गुणसूत्रों में क्रोमेटिड का द्विगुणन विश्रामावस्था के 'S' अवस्था में होता है।
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