(i) `F = ( mv^(2))/( r )` यहाँ पर F अभिकेंद्रीय बल, m कण का द्रव्यमान,r वृत्तकार पथ की त्रिज्या है और v कण का वेग है।
समीकरण के बायें पक्ष की विमा `= [ M^(1) L^(1) T^(-2) ]` है।
एवं समीकरण के दायें पक्ष की विमा `= ([M^(1) L^(2) T^(-2) ] )/( [L^(1)] )`
`= [ M^(1) L^(1) T^(-2) ]`
दायें पक्ष की विमा है। `[ M^(1) L^(1) T^(-2) ]`
दिया गया सूत्र विमा की दृष्टि से सत्य है।
(ii) `T = ( hrgd)/(2)`1
यहाँ पर `T =` पृष्ठ -तनाव है।
r = केशनली की त्रिज्या है। d = द्रव्य का घनत्व है।
यदि सूत्र में दायीं ओर बायीं ओर के मात्रकों की विमायें समान हों तो समीकरण यथार्थ मानी जाती है।
सूत्र में बायीं ओर की राशि =T= पृष्ठ-तनाव `= [ MT ^(-2) ]`
दायीं ओर की राशि `= ( hrgd)/( 2) = ( [ L ] [ L ] [ LT^(-2) ][ML^(-3) ] )/(2)`
`= ( 1)/(2) [ MT^(-2) = [ MT^(-2) ]` [ `(1)/(2)` एक विमाहीन राशि है।]
`:.` दोनों पक्षों में M तथा T की विमायें समान है , अतः समीकरण विमीय दृष्टि से सत्य है।
(iii) `T = 2pi sqrt((l)/(g))`
उपर्युक्त सूत्र में बायीं ओर की राशि T = आवर्तकाल
`= [M^(0)L^(0) T^(-1) ]`
अतः बायीं ओर की राशि में द्रव्यमान के मात्रक की विमा शून्य, लम्बाई के मात्रक की विमा शून्य एवं समय के मात्रक की विमा एक है।
दायीं ओर की राशि की विमा `= 2pi sqrt((l)/(g))`
`= 2pi sqrt((L^(1))/( L^(1) t^(-2))) = sqrt(T^(2)) =T `
इसको इस प्रकार से भी लिख सकते हैं `= [M^(0)L^(0) T^(1) ]`
अतः दोनों पक्षों की विमायें समान हैं, अतः उपर्युक्त सूत्र सही है।
(iv) `Y = ( MgL)/(pi r^(2) l )` में
बायीं ओर की राशि (Y )(प्रत्यास्थता गुणांक ) की विमायें `= [ M^(1) L^(-1) T^(-2) ]` तथा सूत्र के दायीं ओर की विमायें इस प्रकार हैं -
द्रव्यमान M=M गुरुत्वजनित त्वरण `g = [ LT^(-2) ]`
लम्बाई L =L, त्रिज्या r =r,
लम्बाई में वृद्धि l = L,
यहाँ पर `pi` विमाहीन है।
इसलिए पद `( MgL)/( pi r^(2) l )` की विमायें `= ( [ MLT^(-2) L ] ) /( [L]^(2) L) = [ M^(1) L^(-1) T^(-2) ]`
सूत्र के दोनों ओर की विमायें समान हैं, अतः विमीय दृष्टि से यह सूत्र सत्य है।
सूत्र `S = ut + ( 1)/(2) at^(2)`
बायें पक्ष में स्थित राशि (S ) दूरी है जिसकी विमा L है।
बायें पक्ष में स्थित राशि की विमा `= [ M^(0) L^(1) T^(0)]`
`u rarr` वेग,t= समय,a = त्वरण है।
दायें पक्ष में स्थित प्रथम राशि की विमा
`u = [ M^(0) L^(1) T^(-1) ]`
`t = T `
`ut = [ M^(0) L^(1) T^(0) ]`
दायें पक्ष मं स्थित द्वितीय राशि की विमा `= (1)/( 2) at^(2)`
यहाँ पर `(1)/(2)` विमाहीन है।
`:. [ LT^(-2)][ T^(2) ] = L =[ M^(0) L^(1) T^(0)]`
समीकरण `S = ut + ( 1)/(2) at^(2)` में तीनों राशियों S,ut तथा `(1)/(2) at^(2)` की विमायें समान हैं , अतः समीकरण विमीय दृष्टि से सत्य है।
(vi) सूत्र `(1)/(2) mv^(2) = mgh`
सूत्र में बायें पक्ष में स्थित राशियाँ `= ( 1)/(2) mv^(2)`
m = द्रव्यमान, v = वेग है।
`mv^(2) = M^(1) [ L^(1) T^(-1) ]^(2) = [ M^(1) L^(2) T^(-2) ]`
दायें पक्ष की विमा `mgh = M^(1) [ LT^(-2) ] xx L `
`= [ M^(1) L^(2) T^(-2) ]`
अतः समीकरण `(1)/(2) mv^(2) = mgh` में दोनों ओर की विमायें समान हैं , अतः सूत्र सही है।
(vii) सूत्र `v^(2) = u^(2) + 2as`
बायें पक्ष में स्थित राशि `v^(2)` की विमा = `( "वेग की विमा ")^(2)`
या `v^(2) = [ M^(0) L^(1) T^(-1) ]^(2)`
`= [ M^(0) L^(2) T^(-2) ]`
दायें पक्ष में स्थित प्रथम राशि की विमा
`u^(2) = [ M^(0) L^(1) T^(-1) ]^(2)`
`= [ M^(0) L^(2) T^(-2) ]`
दायें पक्ष में स्थित द्वितीय राशि की विमा =2as
`= [ LT^(-2) ] [L] (2`एक विमाहीन राशि है )
`=[ L^(2) T^(-2) ]= [ M^(0) L^(2) T^(-2) ]`
समीकरण `v^(2) =u^(2) + 2as` में तीनों राशियों में `v^(2) , u^(2)` तथा 2as की विमायें समान हैं, अतः समीकरण पूर्णतया वैध है।
सूत्र `n = ( 1)/( 2l ) sqrt((T)/(m))` के बायें पक्ष में स्थित राशि आवृत्ति ( n ) की विमा `= [ M^(0) L^(0) T^(-1)]`
सूत्र के दायें पक्ष में स्थित राशियाँ `= ( 1)/( 2l ) sqrt((Mg)/( m )) = ( 1)/( 2l ) sqrt((T)/( m ))`
l की विमा `= [ L^(1) ] ,M` की विमा `= [ M^(1) ]`
g की विमा `= [ LT^(-2) ]` तथा m की विमा `=("द्रव्यमान ")/("लम्बाई") = [ ML^(-1) ]`
दायें पक्ष की विमा `= ( 1)/( 2L^(1)) sqrt(((M[LT^(-2) ] )/( M^(1) L^(-1))))`
`= ( 1)/( 2L^(1)) sqrt( L^(2) T^(-2)) = (1)/(2) T^(-1) = [ M^(0) L^(0) T^(-1) ]`
यहाँ `(1)/(2)` एक शुद्ध संख्या है, इसलिए इसकी कोई विमा नहीं है। अतः दायें पक्ष की विमा `= T^(-1) =` बायें पक्ष की विमा, यह सूत्र पूर्णतया सही है।