Home
Class 12
PHYSICS
जब आँखों में rho घनत्व की एक तरल दवाई डा...

जब आँखों में `rho` घनत्व की एक तरल दवाई डालनी होती है तो एक ड्रॉपर की सहायता ली जाती है। ड्रॉपर के ऊपर लगे बल्ब को दबाने पर ड्रॉपर के नीचे बने छेद पर एक बून्द बनती है। हम इस बूँद के आकार का आकलन करना चाहते है। इसके लिए हम यह मान रहे है कि बनने वाली बूँद का आकर गोलीय है, क्योकि इस आकर में पृष्ठ ऊर्जा में न्यूनतम वृद्धि होती है। बूँद के आकर का निर्धारण करने के लिए हम R त्रिज्या की बूँद पर पृष्ठ तनाव T के कारण कुल ऊर्ध्वाधर बल का आकलन करते है। जब यह बल बूँद के भार से कम हो जाता है, बूँद ड्रॉपर से अलग हो जाती है।
यदि `r=5xx10^(-4)m,rho=10^(3)kgm^(-3),g=10ms^(-2),T=0.11Nm^(-1)`, तो जब बूँद ड्रॉपर से अलग होती है, उसकी त्रिज्या (लगभग) कितनी होगी, नीचे दिय विकल्पों में से चुने?

A

`1.4xx10^(-3)m`

B

`3.3xx10^(-3)m`

C

`2.0xx10^(-3)m`

D

`4.1xx10^(-3)m`

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
A

बूँद पर बलों का सन्तुलन करने पर,
`(T2pir^(2))/(R)=rho(4)/(3)piR^(3)g` (बूँद को एक गोला माने)
`R=((3Tr^(2))/(2rhog))^(1//4)=((3xx0.11xx25xx10^(-8))/(2xx10^(3)xx10))^(1//4)`
`=14.25xx10^(-4)` मी `=1.425xx10^(-3)` मी
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • पदार्थ के गुण

    JEE Main & Advanced (Hindi Medium)|Exercise शृंखलाबद्ध-बोधन प्रकार (अनुच्छेद-IV)|2 Videos
  • पदार्थ के गुण

    JEE Main & Advanced (Hindi Medium)|Exercise शृंखलाबद्ध-बोधन प्रकार (अनुच्छेद-II)|3 Videos
  • धारा वैघुतिकी

    JEE Main & Advanced (Hindi Medium)|Exercise क्षृंखलाबद्ध-बोधन प्रकार (अनुछेद I )|2 Videos
  • प्रकाशिकी

    JEE Main & Advanced (Hindi Medium)|Exercise श्रृंखलाबद्ध - बोधन प्रकार|5 Videos