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द्विसंकर संकरण को समझाइये |...

द्विसंकर संकरण को समझाइये |

लिखित उत्तर

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द्विसंकर संकरण - ऐसा संकरण या क्रॉस जिसमे दो लक्षणों की वंशागति का एक साथ अध्ययन किया जाता है द्विसंकर संकरण कहलाता है | उदाहरण - मेण्डल ने निम्न दो लक्षणों की वंशागति का अध्ययन किया
बीज का रंग - पीला `xx` हरा
बीज का आकर - गोल `xx` झुर्रीदार
अतः मटर के संयुग्मजी पिले गोलाकार YYRR बीज वाले संकर (YyRr) प्राप्त होते है | `F_(1)` पीढ़ी में स्वपरागण कराने पर `F_(2)` पीढ़ी में जनक लक्षण प्ररूप के अतिरिक्त दो नए प्रकार के लक्षण प्ररूप भी मिलते है |
इनका लक्षण प्ररूप अनुपात निम्न होता है -
`{:("पीला गोल":,, "पीला झुर्रीदार":,, "हरा गोलाकार":,, "हरा झुर्रीदार"),("9"":",,"3":,,"3":,,"1"):}`
मेण्डल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम द्विसंकर संकरण पर आधारित है |
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