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PHYSICS
सृजनात्मक व विनाशात्मक बलों का क्या अर्थ...

सृजनात्मक व विनाशात्मक बलों का क्या अर्थ है ?

लिखित उत्तर

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जब किसी पिण्ड पर जीवन उप्तन्न हो जाता है तो उसके पश्चात जीवन ग्रह के भौतिक वातावरण के साथ पुनर्भरण (feedback) संवाद करने लगता है | यह संवाद सकारात्मक व नकारात्मक दोनों प्रकार का हो सकता है | प्रायः यह नकारात्मक होता है और जीवन प्रारंभिक अवस्था में ही नष्ट हो जाता है | जिन ग्रहों पर जीवन का अपने वातावण से सकारात्मक पुनर्भरण संवाद स्थापित हो पाता है वहाँ पर ही जीवन का आगे विकास होता है जैसा कि पृथ्वी पर हुआ | इस बात के प्रमाण मिले है कि जीव व उनका भौतिक वातावरण सकारात्मक संवाद करते हुए साथ-साथ विकसित हुए है | इस सकारात्मक पुनर्भरण संवाद को वैज्ञानिक जेम्स लवलोक व लिन मार्गुलिस ने गेअन (धरती माता) नियमन नाम दिया है |
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