Home
Class 12
PHYSICS
संधारित्रों के श्रेणी संयोजन की तुल्य धा...

संधारित्रों के श्रेणी संयोजन की तुल्य धारिता के लिए सम्बन्ध प्राप्त कीजिए | परिपथ चित्र बनाइये |

लिखित उत्तर

Verified by Experts

संधारित्रों का ऐसा संयोजन जिसमे प्रत्येक संधारित्र पर आवेश का परिमाण एक समान रहता है, उसे श्रेणी संयोजन कहते है |

चित्रानुसार `C_(1),C_(2)वC_(3)` धारिता वाले संधारित्रों का श्रेणी संयोजन किया जाता है | प्रथम संधारित्र की प्लेट `a_(1)` की बैटरी के धनाग्र व तीसरे संधारित्र की प्लेट `a_(6)` को बैटरी के ऋणाग्र से जोड़ा गया है | प्लेट `a_(1)` से जितने इलेक्ट्रॉन बैटरी के धनाग्र की ओर प्रवाहित होते है | उतने ही इलेक्ट्रॉन बैटरी के ऋणाग्र से प्लेट `a_(6)` पर पहुँच जाते है | परिणामश्वरूप प्लेट `a_(1)` की अंदर की सतह पर +Q आवेश तथा प्लेट `a_(6)` की अंदर की सतह पर -Q आवेश उत्पन्न हो जाता है (इस स्थिति में प्लेट `a_(1)वa_(6)` मिलकर एक विलगित निकाय बनाते है जिन पर कुल आवेश की मात्रा शून्य रहती है ) चूँकि प्लेट `a_(2)वa_(3)` परस्पर जुड़े हुए है | अतः ये दोनों एक अलग विलगित निकाय होंगे, इसलिए इन दोनों पर आवेश शून्य होना चाहिए | अतः प्लेट `a_(1)` पर उपस्थित +Q आवेश के कारण उत्पन्न विधुत क्षेत्र से इलेक्ट्रॉन, प्लेट `a_(3)" ""से"" "a_(2)` की ओर गति करते है जिससे प्लेट `a_(2)` पर Q आवेश व `a_(3)` पर +Q आवेश प्रेरित हो जाता है | इसी प्रकार प्लेट `a_(4)` व प्लेट `a_(5)` पर क्रमशः -Q आवेश व +Q आवेश प्रेरित होता है | अतः श्रेणी संयोजन में प्रत्येक संधारित्र पर आवेश का परिमाण समान रहता है |
N पर विभव शून्य माना जाये तो चालक तार द्वारा बिंदु N से जुडी हुई प्लेट `a_(6)` का विभव शून्य होगा | बिंदु P और प्लेट `a_(1)` का विभव V है |
यहाँ प्लेट `a_(2)वa_(3)` और `a_(4)वa_(5)` परस्पर अलग-अलग है | इनके विभव के मान क्रमशः `V_(1)वV_(2)` हो तो श्रेणीक्रम में संयोजित इन संधारित्र की प्लेटों के मध्य विभवांतर
`(V-V_1)=(Q)/(C_1)" "...(1)`
`(V_(1)-V_(2))=(Q)/(C_2)" "...(2)`
`(V_(2)-0)=(Q)/(C_3)" "...(3)`
बिंदु P और N के मध्य विभान्तर समीकरण (1), (2) व (3) को जोड़ने पर प्राप्त होगा-
`V-V_(1)+V_(1)-V_(2)+V_(2)-0`
`=(Q)/(C_1)+(Q)/(C_2)+(Q)/(C_3)=Q((1)/(C_1)+(1)/(C_2)+(1)/(C_3))`
`rArrV=Q((1)/(C_1)+(1)/(C_2)+(1)/(C_3))`
अतः P व N के मध्य तुल्य धारिता C का मान होगा-
`C=(Q)/(V)` से
`C=(Q)/(Q((1)/(C_1)+(1)/(C_2)+(1)/(C_3)))`
`=(1)/((1)/(C_1)+(1)/(C_2)+(1)/(C_3))`
या `(1)/(C)=(1)/(C_1)+(1)/(C_2)+(1)/(C_3)" "...(4)`
इसी प्रकार जितने भी संधारित्र होंगे सभी उक्त सूत्र की तरह जुड़ जायेंगे |
इसलिए n संधारित्रों के संयोजन की तुलीधारिता
`(1)/(C)=(1)/(C_1)+(1)/(C_2)+(1)/(C_3)...(1)/(C_n)"होंगी"" "...(5)`
अतः हम कह सकते है के-
(i) संयोजन की तुल्यधारिता का व्युत्क्रम संयोजन में प्रयुक्त संधारित्र की धारिता के व्युत्क्रम के योग के बराबर होता है |
(ii) श्रेणी संयोजन में प्राप्त तुल्यधारिता का मान किसी भी संधारित्र की धारिता के मान से भी कम होता है |
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • स्थिर वैद्युतिकी

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|5 Videos
  • स्थिर वैद्युतिकी

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise लघूत्तरात्मक प्रश्न|3 Videos
  • वैघुत चुम्बकीय प्रेरण तथा प्रत्यावर्ती धारा

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|7 Videos
TRIPUTI PUBLICATION-स्थिर वैद्युतिकी-निबन्धात्मक प्रश्न
  1. अनंत लम्बाई के एक समान आवेशित सीधे तार के कारण विधुत क्षेत्र का व्यंजक...

    Text Solution

    |

  2. समान आवेशित पतले गोलीय खोल के बाहर तथा भीतर स्थित बिंदुओं के विधुत क्ष...

    Text Solution

    |

  3. विधुत विभव की परिभाषा लिखिए | Q से r दूरी पर स्थितधुत विभव - एकांक घन ...

    Text Solution

    |

  4. वैधुत द्विध्रुव के विषुवतीय तल पर स्थित किसी बिंदु पर द्विध्रुव के कार...

    Text Solution

    |

  5. 1 सेमि. त्रिज्या के गोलाकार गाउसीय पृष्ठ के अंदर +-1muC आवेश का विधुत ...

    Text Solution

    |

  6. संधारित्रों के श्रेणी संयोजन की तुल्य धारिता के लिए सम्बन्ध प्राप्त की...

    Text Solution

    |

  7. विधुतधारिता की परिभाषा लिखिए | एक समांतर पट्ट संधारित्र की प्लेटों के ...

    Text Solution

    |

  8. चित्र बनाकर एक समान आवेशित अनंत समतल चादर के कारण इसके नजदीक किसी बिंद...

    Text Solution

    |

  9. विधुत फ्लक्स की परिभाषा दीजिए | विधुत द्विध्रुव के कारण इसके अक्षीय ब...

    Text Solution

    |

  10. संधारित्र का सिद्धांत लिखिए | समांतर पट्ट संधारित्र की धारिता ज्ञात क...

    Text Solution

    |

  11. विधुत द्विध्रुव के कारण किसी बिंदु (r,theta) पर विभव का व्यंजक व्युत्प...

    Text Solution

    |

  12. सिद्ध कीजिए कि संधारित्र में संचित ऊर्जा का मान (1)/(2)(Q^2)/(C) होता ...

    Text Solution

    |

  13. परावैधुत पदार्थ से आंशिक रूप से भरी समांतर प्लेट संधारित्र का धारिता क...

    Text Solution

    |