माना m द्रव्यमान की वस्तु चित्र में बताये अनुसार पृथ्वी तल से h उचाई पर स्थित है। वस्तु स्वतंत्र रूप से गुरुत्वीय बल (संरक्षी बल) के अधीन गिरती हुई पृथ्वी तल पर पहुँचती है। हम A से पृथ्वी तल तक की गति के दौरान तीन स्थिति A , B तथा C पर कुल ऊर्जा अर्थात `E_(A),E_(B)` तथा `E_(C)` ज्ञात करेंगे। किसी भी बिंदु या स्थिति पर कुल ऊर्जा E =गतिज ऊर्जा+स्थितिज ऊर्जा।
स्थिति A -यह पर वेग `V_(A)=0` (वास्तु विरामवस्था से गिरना शुरू कर रही है ) अत:गतिज ऊर्जा =0 अत: `E_(A)`=गतिज ऊर्जा +स्थितिज ऊर्जा
=0+migh=mgh...........(1)
स्थिति B - यहाँ पर माना वस्तु का वेग `V_(B)`हो जाता है अत: Aसे तक की गति के लिए के तृतीय समीकरण से -`V^(2) =V^(2)`+2as
यहाँ पर `V=V_(B),` u=0,a=g,s=x
`thereforeV_(B)^(2)=0_2 gc=2gx`अत: गतिज ऊर्जा `=(1)/(2)mV_(B)^(2)=(1)/(2),mxx2gx`
mgx
अब स्थितिज ऊर्जा `=mgxx(h-x)`
अत: `E_(B)`= गतिज ऊर्जा+स्थितिज ऊर्जा `E_(B)`=mgx+mgh-mgx=mgh
स्थिति C -यहाँ पर स्थितिज ऊर्जा =0
यदि पृथ्वी पर वेग `V_(c)`
है तो न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार
`V_(C)^(2)`=0+2gh
`V_(C)^(2)`=2gh
`therefore`वस्तु की कुल ऊर्जा =mgh+0=mgh....
अत: समीकरण (1),(2) व(3) से स्पष्ट है की स्वतंत्रतापूर्वक गिरती हुई वस्तु की यांत्रिक ऊर्जा प्रत्येक बिंदु दर स्थिर रहती है।