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BIOLOGY
द्विसंकरण संकरण को समझाइए।...

द्विसंकरण संकरण को समझाइए।

लिखित उत्तर

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द्विसंकर संकरण - वह संकरण जिसमें दो लक्षणों की वंशागति का अध्ययन किया जाता है उसे द्विसंकरण कहते हैं।
मेण्डल ने स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम को द्विसंकर संकरण के परिणामों के आधार पर समझाया। इस नियम के अनुसार यदि दो या दो से अधिक विपर्यासी लक्षणों युक्त पादपों का संकरण कराया जाता है तो एक लक्षण की वंशागति का दूसरे लक्षण की वंशागति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है अर्थात प्रत्येक लक्षण के युग्मविकल्पी केवल अलग ही नहीं होते अपितु विभिन्न लक्षणों के युग्मविकल्पी एक-दूसरे के प्रति स्वतंत्र रूप से व्यवहार करते हैं।
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  2. लक्षण प्रारूप व जीन प्रारूप में अन्तर लिखिए।

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  3. मेण्डल की सफलता के कारण लिखिए।

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  4. द्विसंकरण संकरण को समझाइए।

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  5. मेण्डल के आनुवांशिकता के नियमों के महत्त्व लिखिए।

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  6. बाह्य संकरण व परीक्षण संकरण में अन्तर स्पष्ट कीजिए -

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  7. पनेट वर्ग से आप क्या समझते हैं ?

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  8. समयुग्मजी व विषमयुग्मजी में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

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  9. मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए मटर के पौधे को ही क्यों चुना?

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  10. मटर के लम्बे (प्रभावी) एवं बौने (अप्रभावी) लक्षणों वाले पौधों में संकर...

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