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BIOLOGY
मटर के लम्बे (प्रभावी) एवं बौने (अप्रभाव...

मटर के लम्बे (प्रभावी) एवं बौने (अप्रभावी) लक्षणों वाले पौधों में संकरण कराने पर `F_(2)` पीढ़ी में प्राप्त सन्तति का लक्षण अनुपात रेखीय आरेख द्वारा स्पष्ट कीजिए।

लिखित उत्तर

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जब मेंडल ने `F_(1)` पीढ़ी में स्वपरागण कराया तथा इससे प्राप्त बीजों को उगाया तो `F_(2)` पीढ़ी में दोनों लक्षण प्राप्त हुए, अर्थात लम्बे पौधे भी एवं बौने पौधे भी (3:1 के अनुपात में) । इसका अर्थ हुआ कि लम्बे होने लक्षण प्रभावी और बौनेपन का लक्षण अप्रभावी होता है।

इस वितरण के आधार पर ही मेंडल का प्रथम नियम .प्रभाविता का नियम. स्थापित हुआ।
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  4. द्विसंकरण संकरण को समझाइए।

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  6. बाह्य संकरण व परीक्षण संकरण में अन्तर स्पष्ट कीजिए -

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  7. पनेट वर्ग से आप क्या समझते हैं ?

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  8. समयुग्मजी व विषमयुग्मजी में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

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