पट्टिका के कारण विस्थापन `t(1-(1)/(mu))= 3 (1- (1)/(1.5))=1cm` बांयी तरफ होगा। अंत: वस्तु की दुरी, दर्पण को `61-1= 60cm` प्रतीत होगी
दर्पण सूत्र से `(1)/(v)+ (1)/(u) = (1)/(f)` हम पाते है v= 20cm

अंत: दर्पण प्रतिबिम्ब का v= 20cms पर दांयी तरफ बनाता है । पट्टिका फिर से 1cm का विस्थापन दांयी ओर करती है। अंत: अंतिम प्रतिबिम्ब ध्रुव से 21cm की दुरी पर बनता है।
पट्टिका का बांयी तरफ विस्थापन के कारण अंतिम प्रतिबिम्ब की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होता है। पट्टिका के कारण आभासी विस्थापन होता है परन्तु प्रतिबिम्ब के वेग में कोई परिवर्तन नहीं होता है। अंत: प्रतिबिम्ब का वेग केवल दर्पण के कारण है। वस्तु u= 60cm पर दर्पण से दुरी पर प्रतीत होती है तथा दर्पण इसका प्रतिबिम्ब v=20cm बनाता है अंत: प्रतिबिम्ब का वेग `-((v)/(u))^(2)=x` वस्तु का वेग `= - ((20)/(60))^(2) xx 18=2 m//s` दांयी तरफ