एक हलकी अप्रत्यास्थ रस्सी का एक सिरा एक हिलीयम से भरे गुब्बारे से बंधा है व दूसरा सिरा पानी से भरे पात्र के तली के बिन्दु से O बंधा है। पात्र एक स्थिर क्षैतिज सतह पर है तथा इसको दांयी तरफ एक क्षैतिज नियत त्वरण के परिमाण .a. के साथ खींचा जाता है यह मानिए कि पात्र के सापेक्ष गुब्बारे व पानी की कोई गति नहीं हों तो रस्सी द्वारा ऊर्ध्वाधर रेखा जो कि से .O. गुजरती है के साथ बनाया गया कोण होगा (g गुरुत्व के कारण त्वरण) -
