Home
Class 12
PHYSICS
एक व्यक्ति क्रॉसित तार के एक जाल को देख ...

एक व्यक्ति क्रॉसित तार के एक जाल को देख रहा है। यह केवल उर्ध्वाध्वार तार को ही, क्षैतिज तार की तुलना में अधिक स्पष्ट देख पा रहा है, बताइये उसे कौनसा दोष है? यह दोष कैसे हुआ? इस दृष्टि दोष को कैसे हटाया जा सकता है।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

इस दोष को अबिन्दुकता कहते हैं। इसका कारण आँख के कोर्निया की वक्रता तथा नेत्र लेन्स के अपवर्तन निकाय का समान तल में नहीं होना होता है। उनकी वक्रता समान होती हैं परन्तु उनके ऊर्ध्वाधर समतल अलग-अलग होते हैं। इस कारण ऊर्ध्वाधर तार का चमकीला प्रतिबिम्ब रेटिना पर प्राप्त हो जाता है। परन्तु क्षैतिज तल में वक्र क्षैतिज तार का प्रतिबिम्ब रेटिना पर साफ नहीं बना पाता इस कारण क्षैतिज तार धुंधले प्रतित होते हैं। इस प्रकार के दोष को, ऊर्ध्वाधर के अनुदिश, बेलनाकार लैंस का उपयोग करके निवारित किया जा सकता है। स्पष्ट है कि समान्तर किरणें जो ऊर्ध्वाधर तल में आपतित होती हैं उनका अतिरिक्त परावर्तन नहीं होता है जबकि क्षैतिज तल में वे अतिरिक्त परावर्तन के कारण अभिसारित हो जाती हैं। क्योंकि बेलनाकार लेंस की सतह वक्र होती है। तथा प्रतिबिम्ब स्पष्ट दिखाई पड़ता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • PHYSICS (DPP NO. 17)

    RESONANCE HINDI|Exercise BOARD LEVEL QUESTIONS|4 Videos
  • PHYSICS (DPP NO. 15)

    RESONANCE HINDI|Exercise Board Level Question |5 Videos
  • PHYSICS (DPP NO. 23)

    RESONANCE HINDI|Exercise प्रश्न |10 Videos