Home
Class 10
BIOLOGY
प्रतिवर्ती क्रियाएँ क्या हैं ? उदाहरण स...

प्रतिवर्ती क्रियाएँ क्या हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए ।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

बाह्य परिवर्तनों अर्थात् उद्दीपनों के प्रति प्राणियों की प्रक्रियाएँ दो प्रकार की होती हैं
ऐच्छिक (Voluntary) एवं अनैच्छिक (Involuntary) । अनैच्छिक क्रियाएँ प्राणी की चेतना या इच्छा शक्ति के अधीन नहीं होती हैं। ये दो प्रकार की होती हैं—स्वायत्त या स्वतंत्र तथा प्रतिवर्ती (Automatic & Reflex)|
प्रतिवर्ती क्रियाएँ दैहिक (Somatic) होती हैं अर्थात् रेखित पेशियों एवं ग्रंथियों से संबंधित होतो हैं। इस क्रिया में मेरुरज्जु भाग लेती हैं। यदि शरीर के किसी भाग में सूई चुभ जाए तो शरीर उस भाग को वहाँ से हटा लेता है। प्रत्येक स्पाइनल तंत्रिका के दो मूल होते हैं

संवेदी तंतुओं से बना पृष्ठ मूल (Dorsal root) के चालक तंतुओं से बना अधरमूल (Ventral root) । त्वचा पर पिन चुभाने का उद्दीपन इसमें उपस्थित संवेदांग को उत्तेजित करता है और ये इस संवेदना को सम्बन्धित सोमेटिक संवेदी तंतुओं के डेंड्राप्स में प्रसारित कर देते हैं। ये तन्तु इस संवेदी प्रेरणा को पास की स्पाइनल तंत्रिका के पृष्ठ मूल (Dorsal root) के पृष्ठ गुच्छक में उपस्थित न्यूरॉन्स कोशाओं में ले जाते हैं। इन कोशाओं में एक्सॉन फिर इस प्रेरणा को मेरुरज्जु के धूसर द्रव्य (grey matter) तक ले जाते हैं। यहाँ एक एक्सॉन की अंतिम बटनों से ये प्रेरणा निकट की चालक तंत्रिकाओं के डेंड्राइट्स में जाती है। यहाँ संवेदी प्रेरणा चालक प्रेरणा बन जाती है। चालक कोशिकाओं के एक्सॉन अधर मूल (Ventral root) के तंतु होते हैं। वे इस प्रेरणा को पादों तक ले जाते हैं। पेशियाँ सिकुड़ती हैं जोकि पादों को गति प्रदान करती हैं। संवेदों से लेकर अपवाहक अंग तक के पूरे प्रेरणा पथ को प्रतिवर्ती चाप (Reflex arc) कहते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • नियंत्रण और समन्वय

    KIRAN PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न )|44 Videos
  • जैव प्रक्रम- पोषण

    KIRAN PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न )|8 Videos
  • परिवहन

    KIRAN PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न )|6 Videos