विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव द्वारा किसी घटिया धातु पर बढ़िया धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को विद्युतलेपन कहते हैं।
विधि-मान लीजिए हमने लोहे के चम्मच पर ताँबे की परत चढ़ानी है। ऐसा करने के लिए लोहे के चम्मच को बीकर में पड़े कॉपर सल्फेट `(CuSO_(4))` के घोल में डुबोया जाता है और इसको कैथोड (ऋण टर्मिनल) बनाया जाता है तथा ताँबे की प्लेट को ऐनोड (धन टर्मिनल) बनाया जाता है। अब कॉपर सल्फेट `(CuSO_(4))` के घोल में से विद्युत् धारा गुजारी जाती है। विद्युत् धारा गुजारने पर कॉपर आयन कैथोड की ओर तथा सल्फेट आयन ऐनोड की ओर चले जाते हैं। क्योंकि ऐनोड भी कॉपर का बना होता है, इसलिए सल्फेट आयन कॉपर के साथ क्रिया करके कॉपर सल्फेट बनाते हैं। वास्तव में ऐनोड में से कॉपर घोल में घुलता रहता है और कैथोड पर जमता चला जाता है। इस प्रकार कैथोड पर लगे लोहे के चम्मच पर तीये की परत चढ़ जाती है।