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Class 11
PHYSICS
2 cm त्रिज्या का लोहे का एक गोला चिकनी क...

2 cm त्रिज्या का लोहे का एक गोला चिकनी क्षैतिज सतह पर प्रारंभ में विराम में है यह 4 cm त्रिज्या के एक अन्य लौह गोले से, जो `"81 cm s"^(-1)` के वेग से चल रहा है सम्मुख टकराता है। टक्कर को प्रत्यास्थ मानकर टक्कर के बाद दोनों गोलों के वेग ज्ञात करें।

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
क्रमशः `144" cm s"^(-1)` तथा `63" cm s"^(-1)`

संवेग - संरक्षण के सिद्धांत से,
`m_(1)u_(1)+m_(2)u_(2)=m_(1)v_(1)+m_(2)v_(2)`
जिससे, `m_(2)(81-v_(2))=m_(1)v_(1)` . . . (1)(`becauseu_(1)=0` तथा `u_(2)=81" cm s"^(-1)` )
फिर, टक्कर के प्रत्यास्थ मान लेने पर गतिज ऊर्जा के संरक्षण के सिद्धांत से,
`1/2m_(1)u_(1)^(2)+1/2m_(2)u_(2)^(2)=1/2m_(1)v_(1)^(2)+(1)/(2)m_(2)v_(2)^(2)`
जिससे, `m_(2)[(81)^(2)-v_(2)^(2)]=m_(1)v_(1)^(2)` . . . (2)
समीकरण (2) में (1) से भाग देने पर
`81+v_(2)=v_(1)`
यदि लोहे का घनत्व `rho` हो, तो
`m_(1)=(4)/(3)piR_(1)^(3)rho" तथा "m_(2)=(4)/(3)piR_(2)^(3)rho`.
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