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PHYSICS
कँपकँपीवाले दिन (chilly day) लकड़ी की ट्...

कँपकँपीवाले दिन (chilly day) लकड़ी की ट्रे की अपेक्षा स्टील का गिलास कहीं अधिक ठंढा लगता है। क्यों?

लिखित उत्तर

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किसी वस्तु का कम या अधिक ठंढा लगना इस बात पर निर्भर करता है कि हमारे शरीर से दूसरी वस्तु में ऊष्मा-प्रवाह की दर, अर्थात प्रति सेकंड प्रवाहित ऊष्मा का मान अधिक है या कमा कँपकँपीवाले दिन लकड़ी की ट्रे और स्टील के गिलास का ताप हमारे शरीर के ताप से कम होता है। अतः, जब हम स्टील (ऊष्मा कां सुचालक) के गिलास को छूते हैं, तो ऊष्मा का संचरण हमारे हाथ से गिलास में तेजी से होता है और हमें ठंढक का अनुभव होता है। दूसरी ओर, जब हम लकड़ी (ऊष्मा का कुचालक) की ट्रे को छूते हैं तो हमारे हाथ से ट्रे में ऊष्मा के संचरण की दर अधिक होती है। अतः, वह हमें उतना ठंढा नहीं लगता है।
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