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BIOLOGY
ओपेरॉन को परिभाषित कीजिए।...

ओपेरॉन को परिभाषित कीजिए।

लिखित उत्तर

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(i) ओपेरॉन
(a) यह प्रोकैरियोटिक जीन अभिव्यक्ति की एक इकाई है जिसमें समन्वयी नियामक (संरचनात्मक) जीन्स एवं नियंत्रण तत्व होते हैं जो नियामक जीन उत्पाद के रूप में पहचाने जाते हैं। लेक ओपेरॉन की संकल्पना जेकब एवं मोनाड ने 1961 में प्रस्तुत की थी।
(b) एक ओपेरॉन के अवयव :
1. संरचनात्मक जीन : यह DNA का खण्ड होता है जो mRNA का पॉलीपेप्टाइड संश्लेषण हेतु अनुलेखन करता है।
2. प्रमोटर : यह एक प्रारम्भन बिन्दु होता है। DNA का अनुक्रम जहाँ RNA पॉलीमरेज बाँधता है और संरचनात्मक जीन के अनुलेखन प्रारंभ करता है, प्रमोटर कहलाता है।
3. ओपरेटर : प्रमोटर से संलग्न DNA का अनुक्रम जहाँ विशिष्ट दमनकारी प्रोटीन बाँधती है, ऑपरेटर कहलाता है। यह प्रमोटर से संरचनात्मक जीन को RNA पॉलीमरेज के लिए पथ देता है।
4. नियामक जीन : यह एक जीन है जो दमनकारी प्रोटीन के लिए कूट देता है जो ओपरेटर से बंधती है और इसकी क्रियाशीलता का दमन करती है परिणामस्वरूप अनुलेखन स्विच्ड ऑफ होता है।
5. इन्ड्यूसर : सबस्ट्रेट जो दमनकारी के ऑपरेटर से बंधने को रोकता है, इन्ड्यूसर कहलाता है। परिणमस्वयप अनुलेखन स्विच्ड ऑन हो जाता है। यह विपरीत प्रकृति का रसायन होता है। जैसे-मेटाबोलाइट, हॉर्मोन, सबस्ट्रेट इत्यादि।
(ii) इन्ड्यूसिबल आपेरॉन सिस्टम
(a) यह आनुवंशिक पदार्थ की नियमन इकाई है जो किसी रसायन की उपस्थिति में स्विच्ड ऑन होती है। यह अपचयी पथ में पायी जाती है।
(b) उदाहरणः ई. कोलाई का लैक्टोज या लेक ओपेरॉन।
1. लेक ओपेरॉन तीन संरचनात्मक जीन्स (z, y तथा a), ओपरेटर, प्रमोटर एवं एक प्रथक नियामक जीन का बना होता है। ये तीनों जीन्स एक एकल प्रमोटर के नियंत्रण में | एक लैक ट्रांसक्रिप्शन इकाई से पॉलीसिस्ट्रोनिक mRNA का अनुलेखन करती हैं। वे कार्बन स्रोत के रूप में लैक्टोज के उपयोग में आवश्यक एन्जाइम को कोड करती है।
2. जीन Z बीटा-गैलेक्टोसाइडेज के लिए कोड करती है, जो लैक्टोज को गैलेक्टोज एवं ग्लूकोज में तोड़ता है। जीन y परमिएज के लिए कोड करती है जो लैक्टोज के लिए कोशिका की पारगम्यता को बढ़ाती है। जीन a एक विकर ट्रांसएसीटाइलेज के लिए कोड करती है जो लैक्टोज के ट्रांसएसीटिलेशन को इसकी सक्रिय अवस्था में उत्प्रेरित करता है।
3. जब लैक्टोज अनुपस्थित होता है।
(iii) i जीन दमनकारी mRNA का नियमन एवं उत्पादन करती है । जो दमनकारी प्रोटीन का अनुवादन करती है।
(iv) दमनकारी प्रोटीन ओपेरॉन के ऑपरेटर क्षेत्र से जुड़ जाती है। और RNA पॉलीमरेज को ओपेरॉन से जुड़ने को रोकती है|
(v) ऑपेरॉन स्विच्ड ऑफ हो जाता है।
• जब लैक्टोज उपस्थित होता है।

(vi) जब लैक्टोज एक इन्ड्यूसर की तरह कार्य करता है यह दमनकारी से जुड़ जाता है और एक अक्रिय दमनकारी बनाता है जो ओपरेटर जीन से बँधने में असफल होता है।
(vii) RNA पॉलीमरेज ऑपरेटर तथा अनुलेखन से जुड़ता है। लैक mRNA पॉलीसिस्टोमिक होता है जोकि सभी तीनों एन्जाइम्स बीटा-गैलेक्टोसाइडेज, परमिएज एवं ट्रांसएसीटाइलेज का उत्पादन करता है। लेक ओपेरॉन स्विच्ड ऑन हो जाता है।
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