(i) DNA अंगुलिछापन (कभी-कभी DNA टेस्टिंग या DNA प्रोफाइलिंग कहलाती हैं) जीवित वस्तुओं की पहचान में उनके DNA नमूनों के आधार पर की जाती है। डॉ. अलेक जैफरी ने वंशागत रोगों के लिए DNA चिन्हक की पहचान के प्रयास में, DNA अंगुलिछापन तकनीक विकसित की थी। (ii) DNA अंगुलिछापन तकनीक में प्रयुक्त विभिन्न चिन्हक निम्नलिखित है (a) वेरिएबल नम्बर टेन्डम रिपीट्स : ये माइक्रो-सैटेलाइट या मिनी सेटेलाइट भी कहलाते हैं। VNTR व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न होते हैं और पीढ़ी से अगली पीढ़ी में वंशागत होते हैं। केवल घनिष्ठ संबंधी व्यष्टियों में समान VNTRs होते हैं। (b) रेस्ट्रिक्शन फ्रेग्मेन्ट लेन्थ पॉलीमॉर्फिज्म (RFLP) (c) रेन्डम एम्प्लीफाइड पॉलीमॉर्फिक DNA (RAPD) (d) एम्प्लीफाइड फ्रेग्मेन्ट लेन्थ पॉलीमॉर्फिज्म (AFLP) (e) ओलिगोन्यूक्लिओटाइड पॉलीमॉर्फिम (OP) (f) सिंगल न्यूक्लिओटाइड पॉलीमॉर्फिज्म (SNP) (g) एलील स्पेसिफिक एसोसिएटेड प्राइमर्स (ASAP)