Home
Class 14
HINDI
जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनक...

जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता है प्राकृतिक जड़ भी अपनी अंतवर्ती चेतना में प्राणवान है मनुष्य द्वारा निर्मित पुरातत्व भी प्रकृति के इन्ही है प्राणो से मिलकर उसके साहचर्य के परिणाम स्वरूप कालांतर में प्रकृति में ही तब्दील हो जाता है। प्रकृति , जो ऊपर से जड़ दिखती है वह अपनी गतिशील उपस्थिति में सक्रीय और जीवट है। पहाड़ , नदी , निर्झर , पेड़ , गलम , वीरुघि सभी जड़ प्राकृति के चैतन्य अंश से लबालब है इनकी गतिमीयता , इनकी परिवर्तनशीलता कभी - कभी अलक्षित रहकर भी अपनी जीवंतता को प्रमाणित करती रहती है इसी जीवंतता के साथ मनुष्यकृत किले , पुल , मंदिर अपनी दीर्घयात्रा में प्रकृति गतिशील अंग बन जाते है। नदी की गतिशील भंगिमाओं , नदी की बदलती छवियों , नदी की जिवंत हरकतों के बीच बरसो से खड़ा पुल अपनी लखोरी ईंटो में अनंत सुर्यास्तो की लालिमा से रंजीत मात्र एक दृश्य नहीं रह जाता है। उसके व्यक्तित्व की रक्तिम आभा सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक न जाने कितने शेड्स में बदलकर उसे प्रकृति का हिस्सा बना देती है उसे अनंत रंग - स्पन्दों में बदल देती है नदी के बरजोर प्रवाह से निरंतर होड़ लेती आदि धार में कड़ी अपना प्रतिबिम्ब झांकती पुल की मेहराबे , तिकोने अनियारे दृढ़व्रती स्तम्भ और पुल के अंतराल में अनुगूँज भर्ती लहरों की लीला -ध्वनियाँ पुल को महज चुना , ईंट , रेत, पत्थर , लोहा और अन्य पार्थिव वस्तुओ का संपुंजित सायुज्य नहीं रहने देती है। कालांतर में पुल प्रकृति में तब्दील होकर चैतन्य में अपनी संवेदना -प्रणाली का भाव -विस्तार बनकर विराट जीवन की स्पंदित फांक बन जाता है। ऐसे में पुल केवल यात्राओं का साधन नहीं रहता है , वह अनेक सांस्कृतिक यात्राओं की बिम्बधमी फ्लापी नदी के विस्तृत मॉनिटर -पॉट के लहरीले स्क्रीन पर अनेक दृशय इबारते लिखता रहता ह|
शिक्षण अधिगम सामग्री के सन्दर्भ में ये किस विद्वान के विचार है : "सहायक सामग्री वह सामग्री है जो कक्षा में या अन्य शिक्षण परिस्थितियों में लिखित या बोली गई पाठ्य -सामग्री को समझने में सहायता प्रदान करती है। "

A

हेरोलिकर

B

डेन्ड

C

ब्लेयर

D

कार्टर एन्ड गुड

Text Solution

Verified by Experts

The correct Answer is:
B

शिक्षण अधिगम सामग्री के सन्दर्भ में ये विचार डेण्ड के बनने देती।
Promotional Banner

Topper's Solved these Questions

  • नवम्बर 2012 पेपर II

    BHARDWAJ ACADEMY|Exercise बहुविकल्पपिय प्रश्न|30 Videos
  • प्रैक्टिस टेस्ट 2

    BHARDWAJ ACADEMY|Exercise बहुविकल्पीय प्रश्न|30 Videos
BHARDWAJ ACADEMY-प्रैक्टिस टेस्ट 1-बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  2. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  3. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  4. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  5. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  6. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  7. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  8. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  9. किसी शिक्षक द्वारा असभ्य शब्दों के प्रयोग करने से छात्रों पर क्या प्रभ...

    Text Solution

    |

  10. अध्यापक द्वारा समझाने के बाद भी पहली कक्षा की मोनिका सर्वनाम समझ नहीं ...

    Text Solution

    |

  11. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  12. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  13. श्रवण कौशल को विकसित करने के लिए इनमे से किस प्रक्रिया का प्रयोग लाभका...

    Text Solution

    |

  14. कक्षा शिक्षण में किसे सक्रीय रहना चाहिए ?

    Text Solution

    |

  15. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  16. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  17. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  18. जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता ह...

    Text Solution

    |

  19. निम्नलिखित में से किस विधि द्वारा लेखन और प्रबल श्रवण कौशल का विकास एक...

    Text Solution

    |

  20. व्याकरण के माध्यम से भाषा के की जानकारी मिलती है।

    Text Solution

    |