Home
Class 11
BIOLOGY
जल अवशोषण की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए ।...

जल अवशोषण की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए ।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

खनिज तत्त्वों का अपग्रहण
मूलीय त्वचा या मूलरोम की सतह से खनिज लवणों (तत्त्वों) का अवशोषण प्राय: आयन्स के रूप में होता है। खनिज पोषकों (तत्त्वों) के अवशोषण की क्रियाविधि के विभिन्न सिद्धान्तों को दो प्रमुख समूहों में बाँटते हैं-
(1) खनिजों का निष्क्रिय अवशोषण
(2) खनिजों का सक्रिय अवशोषण।
1.खनिजों का निष्क्रिय अवशोषण -अणु या आयन मृदा से मूलरोम या मूलीय त्वचा कोशिकाओं में सान्द्रता प्रवणता के कारण गति करते हैं। मृदा घोल में अणु या आयन की सान्द्रता कोशिकाओं की अपेक्षा अधिक होती है। खनिजों का निरन्तर उपयोग होते रहने के कारण कोशिकाओं में इनकी सान्द्रता निरन्तर कम बनी रहती है। इसमें ऊर्जा का प्रत्यक्ष व्यय नहीं होता। इसके अनुसार खनिज तत्व अधिक रासायनिक विभव क्षेत्र से कम रासायनिक विभव क्षेत्र की ओर जाते हैं। रासायनिक विभव किसी पदार्थ के मोल अंश द्वारा किसी तन्त्र की स्वतन्त्र ऊर्जा में योगदान है जो वास्तव में उस पदार्थ की सान्द्रता पर ही निर्भर करता है। विद्युत्त अनपघयों में इसे रासायनिक विभव तथा विद्युत अपघट्यों में आयनों पर आवेश निवेशित होने के कारण इसे विद्युत-रासायनिक विभव कहा जाता है। तत्त्वों का अवशोषण आयन प्रणाल द्वारा होता है। आयन घाहक कोशिका कला में पायी जाने वाली विशिष्ट पोरीन प्रोटीन्स होती हैं, जो आयन्स के लिए विशिष्ट छिद्रों की तरह कार्य करती हैं।
2: खनिजों का सक्रिय अवशोषण -जड़ों द्वारा खनिजों का अवशोषण निम्नलिखित चार चरणों में होता है-
(i) मूलरोमों में सक्रिय परिवहन -अधिकांश खनिज तत्त्वों का अवशोषण सान्द्रता के विरुद्ध सक्रिय परिवहन द्वारा होता है। इसमें व्यय होने वाली ऊर्जा ATP से प्राप्त होती है।
(ii) कोशिकाद्रव्य से परिरम्भ कोशाओं तक विसरण -कोशिकाओं का कोशिकाद्रव्य परस्पर प्लाज्मोडेस्मेटा द्वारा सम्बन्धित रहता है। विभिन्न खनिज तत्त्व इन्हीं प्लाज्मोडेस्मेटा कोशाद्रवीय तन्तुओं द्वारा विसरित होकर परिरम्भ कोशिकाओं तक पहुँचते हैं।
(iii) संवहन बण्डल के अन्तराकोशिकीय स्थानों में सक्रिय परिवहन -खनिजों का संवहन जाइलम द्वारा होता है। परिरम्भ कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य से खनिज सक्रिय परिवहन द्वारा जाइलम के मध्य अन्तराकोशिकीय स्थानों में आ जाते हैं।
(iv) जाइलम में विसरण -जाइलम के अन्तराकोशिकीय स्थानों में आए खनिजों के में कारण खनिजों को अधिक सान्द्रता एक प्रवणता उत्पन्न करती है जिससे अन्तराकोशिकीय स्थानों से खनिज तत्त्व विसरित होकर जाइलम वाहिकाओं एवं वाहिनिकाओं में पहुँचते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • खनिज पोषण

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (लघु उत्तरीय प्रश्न (Type-I))|18 Videos
  • खनिज पोषण

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (लघु उत्तरीय प्रश्न (Type-II))|18 Videos
  • खनिज पोषण

    CHITRA PUBLICATION|Exercise NCERT Zone (NCERT जीव विज्ञान प्रश्न प्रदर्शिका (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न))|1 Videos
  • कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|15 Videos
  • गमन एवं संचलन

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|15 Videos