Home
Class 12
BIOLOGY
अंगों के उपयोग एवं अनुपयोग का सिद्धान्त ...

अंगों के उपयोग एवं अनुपयोग का सिद्धान्त किसने दिया था? लैमार्कवाद की आलोचना कीजिए। नव-लैमार्कवाद क्या है? लैमार्कवाद डार्विनवाद से किस प्रकार भिन्न है?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

लैमार्कवाद अथवा अंगों के उपयोग एवं अनुपयोग का सिद्धान्त (Lamarckism or Theory of Use and Disuse of Organs)–
लैमार्कवाद की आलोचना (Criticism of Lamarckism) सन् 1809 में लैमार्कवाद के प्रकाशित होने के बाद अनेक वैज्ञानिकों ने इसकी आलोचना की। वीजमान (Weismann, 1886) ने चूहों पर अनुसन्धान किया। वीजमान चूहों की पूँछ को निरन्तर 80 पीढ़ियों तक काटते रहे, लेकिन चूहों की पूँछ की लम्बाई कम नहीं हुई। लैमार्क के अनुसार इतनी पीढ़ियों के बाद पूँछ को गायब हो जाना चाहिए था।
इसी प्रकार लोहार के हाथ की पेशियाँ बराबर लोहे को पीटते रहने से मजबूत हो जाती हैं, किन्तु यह लक्षण उसकी सन्तानों में नहीं आ पाता, इससे यह सिद्ध होता है कि वातावरण के प्रभाव से शरीर में उत्पन्न हुए उपार्जित लक्षण वंशागत नहीं होते। केवल वे ही लक्षण वंशागत होते हैं जो जननिक कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं। वीजमान ने जननद्रव्य की निरन्तरता का सिद्धान्त प्रस्तुत किया। इसके अनुसार जननद्रव्य (युग्मक) में होने वाले परिवर्तन वंशागत होते हैं। कायिकद्रव्य मृत्यु के समय नष्ट हो जाता है।
नव-लैमार्कवाद (Neo-Lamarckism) मुलर (Muller) तथा अन्य वैज्ञानिकों ने बताया कि अनेक भौतिक व रासायनिक कारक जैसे एक्स-रे (X-rays), कॉस्मिक-रे (cosmic rays), परमाणु विकिरण (atomic: radiations) आदि के कारण युग्मक कोशिकाओं की जीन्स (genes) में परिवर्तन आ सकते हैं जो सन्तान में पहुँचकर विभिन्नता उत्पन्न करते हैं। इन्हीं विभिन्नताओं के सन्तान में वंशामत होने के कारण नई जातियाँ उत्पन्न होती हैं।
लैमार्कवाद तथा डार्विनवाद में अन्तर (Differences between Lamarckism and Darwinism)
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • विकास

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न (Type-l))|47 Videos
  • विकास

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न (Type-Il))|27 Videos
  • विकास

    CHITRA PUBLICATION|Exercise NCERT ZONE (NCERT जीव विज्ञान प्रश्न प्रदर्शिका (Biology Exemplar LO Problems) पुस्तक से चयनित महत्त्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर) (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न )|1 Videos
  • वंशागति तथा विविधता के सिद्धान्त

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|32 Videos
CHITRA PUBLICATION-विकास -अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (विस्तृत उत्तरीय प्रश्न )
  1. लवण क्या हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं?

    Text Solution

    |

  2. उत्परिवर्तन किसे कहते हैं?

    Text Solution

    |

  3. उत्परिवर्तन पर उदाहरण सहित टिप्पणी कीजिए।

    Text Solution

    |

  4. माइकोराइजा किसे कहते हैं? इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए।

    Text Solution

    |

  5. समजात एवं समरूप अंगों की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।

    Text Solution

    |

  6. उत्परिवर्तन क्या है? स्वजात तथा प्रेरित उत्परिवर्तन का वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  7. उत्परिवर्तन की परिभाषा दीजिए। उत्परिवर्तन सिद्धान्त किसने प्रतिपादित क...

    Text Solution

    |

  8. डार्विन के अनुसार जैव विकास केसे हुआ? जेव विकास का आधुनिक संश्लेषणात्म...

    Text Solution

    |

  9. जैव विकास के समर्थन में कोई चार प्रमाण दीजिए।

    Text Solution

    |

  10. अंगों के उपयोग एवं अनुपयोग का सिद्धान्त किसने दिया था? लैमार्कवाद की आ...

    Text Solution

    |

  11. लैमार्कवाद का सविस्तार वर्णन कीजिए। लैमार्कवाद की आलोचनाओं पर प्रकाश ड...

    Text Solution

    |

  12. डार्विनवाद की संक्षिप्त विवेचना कीजिए तथा नव-डार्विनवाद पर टिप्पणी कीज...

    Text Solution

    |

  13. जैव उर्वरक को परिभाषित कीजिए।

    Text Solution

    |

  14. जैव विकास की परिभाषा लिखिए।जैव विकास के पक्ष में तुलनात्मक आकारिकी एवं...

    Text Solution

    |

  15. विभिन्न प्रकार के गुणसूत्र का वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  16. सजीवों के किन्हीं दो लक्षणों का उल्लेख कीजिए।

    Text Solution

    |

  17. मेरुरज्जु का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  18. मानव में होने वाले यौन संचारित रोगों का वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  19. रसस्त्राव पर टिप्पणी कीजिए।

    Text Solution

    |

  20. कपियों एवं मानव के मध्य समानताओं एवं विषमताओं का विवरण दीजिए।

    Text Solution

    |