माना प्रत्येक छड़ की लम्बाई l तथा अनुप्रस्थ-काट का क्षेत्रफल A है। तीनों छड़ो के पदार्थो की ऊष्मा-चालकताओ का अनुपात 1 :2 :3 है। यदि यह अनुपात K है,तब छड़ो की चालकताओ K ,2 K तथा 3 K होगी। माना स्थायी अवस्था में पहले और दूसरे सम्पर्क तलों के
ताप क्रमशः `theta_1`व `theta_2` है। चूँकि छड़े श्रेणीक्रम में जुड़ी है,अतः तीनो छड़ो में ऊष्मा-प्रवाह की दर समान है। इस प्रकार
`" " H=(K)A (100^(@)C-theta_1)/(l) =(2K)A(theta_1-theta_2)/(l) `
`" " =(3K)A(theta_2-20^(@)C)/(l) `
अथवा `100^(@)C-theta_1=2(theta_1-theta_2)=3(theta_2-20^(@)C)`
इन्हें हल करने के लिए, पहले व दूसरे पद से
`" " 100^(@)C=3theta _1-2theta_2" " ...(i)`
तथा पहले व तीसरे पद से
`" " 160^(@)C=theta_1+3theta_2`
समीकरण (ii ) को 3 से गुणा करने पर
`" " 480^(@) C=3theta_1+9theta_2." " ...(iii) `
समीकरण (iii ) से समीकरण (i ) घटाने पर
` " " 380^(@)C=11 theta_2.`
`" " therefore " " theta_2=(380^(@)C)/(11) =34.5^(@)`
`theta_2` का यह मान समीकरण (ii ) में रखने पर
`" " 160^(@)C=theta_1+3(34.5^(@)C)`
`" " therefore " " theta_1=160^(@)C-103.5^(@)C=56.5^(@)C.`