(a ) समतल का समीकरण
` 2x + 3y + 4z = 12 `
दोनों पक्षों को ` sqrt( 2^(2) + 3^(2) + 4 ^(2)) = sqrt ( 29 ) ` से भाग देने पर,
` ( 2) /(sqrt( 29)) x + ( 3) /(sqrt( 29)) y + ( 4) /(sqrt( 29)) z = ( 12) /(sqrt( 29)) `
माना O से समतल पर डाले गए लम्ब के पाद N के निर्देशांक ` ( x _ 1, y _ 1, z _ 1 ) ` है |
ON की दिक् कोज्याएँ = ` ( 2) /(sqrt( 29)), (3) /(sqrt( 29 ) ) , ( 4) /( sqrt ( 29)) `
ON के दिक् अनुपात = ` x _ 1 - 0 , y _ 1 - 0 , z _ 1 - 0 `
` = x _ 1, y _1, z _ 1 `
हम जानते है की एक रेखा के दिक् अनुपात और दिक् कोज्याएँ समानुपाती होते है |अतः
` ( x _ 1 ) /((2)/(sqrt(29)) ) = ( y _ 1 ) /( (3) /(sqrt(29))) = ( z_ 1) /((4) /(sqrt(29)) ) = k ` ( माना)
`rArr x _ 1 = ( 2k ) /(sqrt(29)) , y _ 1 = (3k) /(sqrt( 29)) , z _ 1 = ( 4k ) /(sqrt(29)) `
परन्तु बिंदु `N ( x_1, y _ 1, z _ 1) ` समतल ` 2x + 3y + 4z = 12 ` पर स्थित है |
` therefore ( 2( 2k))/(sqrt( 29)) + ( 3( 3k) ) /(sqrt( 29)) + ( 4( 4k)) /(sqrt(29)) = 12 `
`rArr k = ( 12) /(sqrt(29)) `
` therefore x _ 1 = ( 2 k) /(sqrt( 29)) = ( 24) /(29) `
`y _ 1 = ( 3k) /(sqrt( 29)) = ( 36) /(29) `
` z_ 1 = ( 4k) /(sqrt(29)) = ( 48)/(29) `
` therefore ` लम्ब पाद के निर्देशांक = `((24)/(29), ( 36)/(29), (48)/(29)) `
(b) दिया गया समतल निम्न है
` 0 x + 3y + 4z - 6 = 0" "`... ( 2 )
` therefore ` समतल पर अभिलम्ब के दिक् अनुपात `0,3, 4 ` है |
मूलबिंदु से होकर जाने वाली तथा समतल (2) के लंबवत रेखा का समीकरण निम्न है ,
` ( x - 0 ) /(0) = ( y - 0 ) /(3) = ( z - 0 ) /(4) = t ` (माना )
माना रेखा पर कोई बिंदु ` ( 0, 3t, 4t ) ` है | यह समतल (2 ) पर स्थित होगा,
यदि ` 0 + 3 xx ( 3t ) + 4 xx ( 4t) - 6 = 0 ` अर्थात ` t= ( 6 ) /(25) `
अतः अभीष्ट लम्ब के पाद के निर्देशांक निम्न है,
`(0,3xx ( 6) /(25), 4 xx ( 6) /(25)) -= ( 0, (18)/(25) , (24)/(25)) `
(c) दिया गया समतल निम्न है , ` x + y + z = 1 " " `... (3)
` therefore ` समतल पर अभिलम्ब के दिक् अनुपात ` (1,1,1) ` है |
मूलबिंदु से होकर जाने वाली तथा समतल (3 ) के लंबवत रेखा का समीकरण निम्न है, ` ( x - 0 ) /(1) = ( y - 0 ) /(1) = ( z - 0 ) /(1) " " `(4)
इस रेखा पर कोई बिंदु ` (t, t , t ) ` है | यह समतल (3 ) पर लंबवत होगा यदि
` t+t + t = 1 `
अर्थात ` 3t = 1 rArr t = ( 1) /(3) `
अतः अभीष्ट लम्ब के पाद के निर्देशांक ` ( ( 1) /(3) , ( 1)/(3), ( 1) /(3)) ` है |
(d) दिया गया समतल `0 x + 5y + 0 z + 8 = 0 " "`... ( 5)
समतल पर अभिलम्ब के दिक् अनुपात `0, 5, 0 ` है |
मूलबिंदु से होकर जाने वाली तथा समतल (5 ) के लंबवत रेखा का समीकरण
` ( x -0) /(0 ) = ( y- 0 ) /( 5) = ( z -0 ) /(0) = t ` (माना ) ... (6 )
माना रेखा पर कोई बिंदु ` ( 0, 5t, 0 ) ` है |यह समतल (5 ) पर स्थित होगा, यदि
` 5 xx 5t+ 8 = 0 ` अर्थात ` t = ( - 8) /(25) `
अतः अभीष्ट लम्ब के पाद के निर्देशांक
` = [ 0, 5 ( - (8) /(25)), 0 ] = ( 0, (-8) /(5),0)`