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PHYSICS
'विज्ञानं के व्यवहार' पर अपने 'नैतिक' दृ...

'विज्ञानं के व्यवहार' पर अपने 'नैतिक' दृष्टिकोणों को रचने का प्रयास कीजिए। कल्पना कीजिए कि आप स्वयं किसी संयोगवश ऐसी खोज में लगे है जो शैक्षिक दृष्टि से रोचक है, परन्तु उसके परिणाम निश्चित रूप से मानव समाज के लिए भंयकर होने के अतिरिक्त कुछ और नहीं होंगे। फिर भी यदि ऐसा है, तो आप इस दुविधा के हल के लिए क्या करेंगे?

लिखित उत्तर

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विज्ञानं सत्य की खोज है। प्रत्येक खोज चाहे वह हमारे समाज के लिए अच्छी हो या खराब उसे सभी के सामने लाया जाना चाहिए। इसका कारण है कि जो खोज आज समाज के लिए खराब एवं घटक प्रतीत हो रही है वह बाद में समाज के लिए उपयोगी भी हो सकती है। हमे केवल इस बात के लिए सजग रहना है कि उस खोज का गलत प्रयोग न हो। उदाहरणार्थ, नाभिकीय विखंडन की क्रिया से प्राप्त ऊर्जा का प्रयोग विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है, जो आज किसी भी देश के विकास के लिए नितांत आवश्यक है, परन्तु इसका प्रयोग अत्यंत विध्वंसक परमाणु बम के निर्माण में भी किया जा सकता है।
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