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Class 12
PHYSICS
किसी बिन्दु पर विद्युतु क्षेत्र की तीव्र...

किसी बिन्दु पर विद्युतु क्षेत्र की तीव्रता एवं विभव को समझाइये तथा इनमें सम्बन्ध स्थापित कीजिये।

लिखित उत्तर

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विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता- विद्युत् क्षेत्र के किसी बिन्दु पर रेखा एकांक धनावेश जितने बल का अनुभव करता है, उसे उस बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं। यह एक सदिश राशि है।
विद्युत् विभव-एकांक धन आवेश को अनन्त से विद्युत् क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में जितना कार्य करना पड़ता है उसे उस बिन्दु का विद्युत् विभव कहते हैं। यह एक अदिश राशि है। विद्युत् क्षेत्र के दो बिन्दुओं के मध्य विभव में अन्तर को दोनों बिन्दुओं के मध्य विभवान्तर कहते हैं।
विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता और विभवान्तर में सम्बन्ध -चित्रानुसार माना किसी विद्युत् क्षेत्र में A और B दो बिन्दु हैं। विद्युत् क्षेत्र की दिशा A से B की ओर है। यदि इनके बीच की दूरी dx अत्यन्त अल्प हो, तो A और B के बीच विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता E को एकसमान माना जा सकता है।

यदि परीक्षण आवेश `q_(0)` को अनन्त से A या B तक लायें तो उसे A तक लाने में B की अपेक्षा अधिक कार्य करना पड़ेगा। अत: A का विभव B की तुलना में अधिक होगा। मानलो A का विभव V+ dV तथा B का विभव V है।
तब परीक्षण आवेश `q_(0)` को B से A तक लाने में किया गया कार्य.
`dW = q_(0)dV" "....(1)`
विद्युत् क्षेत्र E द्वारा परीक्षण आवेश `q_(0)` पर आरोपित बल
`F = q_(0)E`
इस बल के विरुद्ध परीक्षण आवेश को B से A तक लाने में किया गया कार्य
`dW = -q_(0) E.dx,` [` because "कार्य" - "बल" xx "विस्थापन"]" "......(2)`
ऋणात्मक चिन्ह इस बात का द्योतक है कि विस्थापन de और क्षेत्र E की दिशाएँ विपरीत हैं।समीकरण (1) और (2) से,
`q_(0).dV = - q_(0) E.dx ` या `dV = - E.dx`
`therefore " " E = (dV)/(dx)`यही अभीष्ट सम्बन्ध है ।
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