Home
Class 12
BIOLOGY
जीवाश्म ईंधन के स्थान पर प्रयोग किये जान...

जीवाश्म ईंधन के स्थान पर प्रयोग किये जाने वाले ऊर्जा स्त्रोतों का संक्षेप वर्णन कीजिये।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

वैकल्पिक ऊर्जा के प्रमुख स्त्रोत है-
,(i)जैव भार
,(ii)जलाऊ काष्ठ
(iii) गोबर व् गोबर गैस-मीथेन अथवा बायोगैस
,(iv) बायोडीजल
,(1)वानस्पतिक वसीय तेलों से प्राप्त
,(v) स्ट्रार्च एवं लिग्ननोलेलुलोस से एथेनॉल
,(vi) (1) जैव भार-देखिये लघुत्तरात्मक प्रश्नन सं।7,
(2) (2) जलाऊ काष्ठ-कष्ट सबसे सामान्य प्रकाश के ईंधन का स्त्रोत है, जिसे सदियों से मानव द्वारा ईंधन के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। भारत की लगभग 50% से अधिक जनसंख्या काष्ठ ईंधन का उपयोग लघु औद्योगों एवं घरेलु कार्यो में करती है। अफ्रीका और एशिया महाद्वीपों में स्थित विकासशील व अविकसित देसो में यह सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। काष्ठ का इन्शान के रूप में प्रयोग हमारे देश में वन विनाश एवं पर्यावरण पपर्दूषण का एक मुख्य कारन है।
,(3) गोबर व गोबर गैस- भारत की 70% आबादी गांवों में निवास करती हैं। जहाँ पर प्रचुर मात्रा में पशुधन है। पशुओ से प्राप्त गोबर का आयोग सामान्यता कंडे बनाकर जलाने के रूप में किया जाता है। जबकि इसका सदुपयोग जैविक खाद बनांने एवं गोबर गैस उत्पादन में किया जा सकता है। गोबर से उत्तम खाद बनाने के लिए इसे उपयुक्त आकर के गड्ढो में नियमित रूप से भरा जाना चाहिए। गड्ढा ऊंचे स्थान पर बनाना तथा इश्कि गहराई एक मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
,जीवाणुओं द्वारा कार्बनिक पदार्थो के किव्वंन से उत्पादित गैस को बायो घास कहते हैं। भारत में बायो गैस उत्पादन के लिए सामान्यता गोबर का उपयोग किया जाता है।
,(4)बायोडीजल-बिंदु 20.3.4 देख|
,(5) स्टार्च एवं लिग्नोसेल्युलोस से इथेनाल का निर्माण-स्टार्च फसले (धान्य, मिलेट एवं कंद ) तथा शकरा फैसले (गन्ना एवं चुकुन्दर) जाव भर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण फैसले हैं। इन नवीकरणीय स्त्रोतो के सफलतापूवर्क उपयोग से कई प्रकार के उत्पाद प्राप्त किये जा सकते हैं। इन फसलों से प्राप्त स्टार्च एवं शर्कराओ द्रव एथेनॉल में परिवर्तित किया जा सकता है।
,(6) शैवालीय हाइड्रोजन फैक्ट्री(Algal Hydrogen फैक्ट्री)- शैवाल में उगने वाली प्रकाश संशलेषणी वनस्पति है। ये सामान्य स्थिति में उच्च पादपों के समान प्रकाश संश्लेषण द्वारा कार्बोहाइड्रेट व ऑक्सीजन बनती है। प्रयोगो द्वारा यह प्रमाणित किया गया है की दिन के समय शैवालों को गधक व ऑक्सीजन की आपूर्ति अवरुद्ध कर दी जाती है जो शैवाल प्रकाश संश्लेषण क्रिया में `O_2` के स्थान पर `H_2` का निर्माण करने लगती है। `H_2` अत्यंत ज्वलनशील है। अतः भविष्य में यह ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख स्त्रोत बन सकती है ।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • जैव ऊर्जा

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न उतर लघुत्तरात्मक प्रश्नोत्तर|6 Videos
  • एन्जाइम

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न - उत्तर ( निबन्धात्मक प्रश्नोत्तर )|4 Videos
  • जैव चिकित्सा तकनीकें

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्नो उत्तर (निबन्धात्मक प्रश्नोत्तर )|4 Videos