Home
Class 12
PHYSICS
ऑइन्सटीन प्रकाश विद्युत समीकरण व्युत्पन्...

ऑइन्सटीन प्रकाश विद्युत समीकरण व्युत्पन्न कीजिए। इसकी सहायता से प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

ऑइन्स्टीन का प्रकाश विद्युत समीकरण (Einstein's Photo electric Equation) - ऑइन्सटीन ने प्रकाश-विद्युत प्रभाव की व्याख्या प्रकाश की क्वाण्टम प्रकृति के आधार पर की। ऑइन्सटीन के अनुसार जब फोटॉन किसी धातु की सतह पर गिरता है तो वह सारी ऊर्जा धातु के अंदर मुक्त इलेक्ट्रॉन को देता है। यह ऊर्जा जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त करती है, यह दो कार्य करती है -
(i) इलेक्ट्रॉन को पदार्थ से बाहर निकालने के लिए किये गये कार्य (कार्यफलन `phi_(0)`) के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
(ii) इलेक्ट्रॉन को पदार्थ से बाहर निकालने के पश्चात उसे गतिज ऊर्जा प्रदान करती है।
`therefore` आपतित फोटोन की ऊर्जा = धातु का कार्यफलन + इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा `(K_(m))`
अत: `E=phi_(0)+K_(m)`
या `h upsilon=phi_(0)+(1)/(2)mv_("max")^(2)`
या `(1)/(2) mv_("max")^(2)=h upsilon-phi_(0) " "` ....(1)
इस समीकरण को ऑइन्सटीन का प्रकाश विद्युत-समीकरण कहते हैं।
यदि `upsilon=upsilon_(0)` करने पर `K_(m)=(1)/(2)mv_("max")^(2)=0` हो तो `upsilon_(0)` को आपतित प्रकाश की देहली आवृत्ति कहते हैं। अर्थात जब आपतित फोटोन की आवृत्ति `(upsilon)`, देहली आवृत्ति `(upsilon_(0))` के बराबर होती है तो इलेक्ट्रॉन धातु की सतह से उत्सर्जित तो हो जाते हैं परंतु उनकी गतिज ऊर्जा अर्थात वेग शून्य हो जाता है।
अत: समीकरण (1) से
`phi_(0)=h upsilon_(0)" " ` .....(2)
यदि आपतित फोटोन की आवृत्ति देहली आवृत्ति `(upsilon_(0))` से अधिक होती है तो धातु सतह से उत्सर्जन के पश्चात इलेक्ट्रॉन अधिकतम वेग से गति करते हैं।
समीकरण (2) का मान (1) में रखने पर
`(1)/(2) mv_("max")^(2)=h upsilon-h upsilon_(0)`
`(1)/(2)mv_("max")^(2)=h(upsilon-upsilon_(0))" "` .....(3)
समीकरण (3) भी ऑइन्सटीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण है।
प्रकाश-विद्युत प्रभाव की व्याख्या (Explanation of Photoelectric effect) -
(1) यदि आपतित प्रकाश की आवृत्ति, देहली आवृत्ति से कम है। अर्थात `upsilon lt upsilon_(0)` तो समीकरण `(1)/(2)mv_("max")^(2)=h (upsilon-upsilon_(0))` के अनुसार इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा का मान ऋणात्मक प्राप्त होगा चूँकि गतिज ऊर्जा कभी भी ऋणात्मक नहीं होती है अत: `upsilon lt upsilon_(0)` की स्थिति में फोटो इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन सम्भव नहीं है अर्थात आपतित प्रकाश की आवृत्ति देहली आवृत्ति से अधिक या बराबर होना आवश्यक है।
(2) एक फोटॉन की अनुक्रिया एक ही इलेक्ट्रॉन से होती है अर्थात उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या आपतित फोटॉनों की संख्या पर निर्भर करती है। दूसरे शब्दों में इस प्रकार से कह सकते है कि धातु के इकाई पृष्ठ से नियत आवृत्ति के प्रकाश के लिये इकाई समय में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या, पृष्ठ पर इकाई समय में इकाई क्षेत्रफल पर आपतित फोटॉनों की संख्या अर्थात प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है।
(3) समीकरण `(1)/(2) mv_("max")^(2)=h (upsilon-upsilon_(0))` से स्पष्ट है कि उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा, आपतित फोटॉन की आवृत्ति `upsilon` पर निर्भर करती है, प्रकाश की तीव्रता पर नहीं।
(4) क्वाण्टम सिद्धांत के अनुसार प्रकाश की ऊर्जा फोटॉन के रूप में निहित होती है अत: जैसे ही पर्याप्त ऊर्जा का फोटॉन, धातु के पृष्ठ पर आपतित होता है इसके अवशोषण से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हो जाता है अर्थात फोटो इलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन में समय-पश्चता नहीं होती है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (आंकिक प्रश्न)|7 Videos
  • प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise उच्चस्तरीय बुद्धि-कौशल प्रश्न|9 Videos
  • प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (बोधात्मक प्रश्न)|6 Videos
  • प्रकाश की प्रकृत्ति

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise उच्च स्तरीय बुध्दि कौशल प्रश्न|15 Videos
  • प्रत्यावर्ती धारा

    SANJEEV PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न|96 Videos
SANJEEV PUBLICATION-प्रकाश विद्युत प्रभाव एवं द्रव्य तरंगें -अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न (निबन्धात्मक प्रश्न)
  1. इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन क्या है? कार्यफलन को समझाते हुए इलेक्ट्रॉन को धातु...

    Text Solution

    |

  2. प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या है? इसके नियमों को लिखिए।

    Text Solution

    |

  3. प्रकाश विद्युत प्रभाव को समझाते हुए इससे संबंधित प्रायोगिक प्रेक्षणों ...

    Text Solution

    |

  4. प्रकाश विद्युत प्रभाव के प्रायोगिक परिणामों के लिए आइन्सटीन का स्पष्टी...

    Text Solution

    |

  5. निरोधी विभव पर आपतित विकिरण की आवृत्ति का प्रभाव समझाइये?

    Text Solution

    |

  6. द्रव्य तरंगों के लिए डी-ब्रॉग्ली की परिकल्पना लिखिए। इस परिकल्पना के प...

    Text Solution

    |

  7. डी-ब्रॉग्ली की परिकल्पना का उल्लेख कीजिए एवं इसके प्रायोगिक सत्यापन के...

    Text Solution

    |

  8. इलेक्ट्रॉन, फोटॉन एवं alpha-कण के डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य ज्ञात करने क...

    Text Solution

    |

  9. किसी इलेक्ट्रॉन जिसे V विभव तक त्वरित किया गया है, ये सम्बद्ध डी-ब्रॉग...

    Text Solution

    |

  10. आइन्सटीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण को लिखिए तथा फोटॉनों के कोई दो अभिला...

    Text Solution

    |

  11. ऑइन्सटीन प्रकाश विद्युत समीकरण व्युत्पन्न कीजिए। इसकी सहायता से प्रकाश...

    Text Solution

    |