(p)

(A)Yपर X के कारण लाने वाला कुल बल
`X=sqrt((Mg cos theta)^(2)+(Mgsin theta)^(2))=Mg`
(B) क्योंकि नत तल स्थिर है अतः गुरूत्वीय स्थितिज ऊर्जा घटेगी अतः `(X+Y)` की यान्त्रिक ऊर्जा घटेगी।
(q) (A)X के कारण Y पर लगने वाला बल Mg से अधिक होगा, जोकि (Mg+ प्रतिकर्षण बल) के तूल्य होगा।
(B) क्योंकि निकाय ऊपर की ओर गतिमान है। अतः X की स्थितिज ऊर्जा बढ़ेगी।
(C) `(X+Y)` की यांन्त्रिक ऊर्जा बढ़ेगी।
(D)Y के भार का बिंदु P सापेक्ष बलाघूर्ण शून्य होगा।
(r)
(A)X के कारण, Y पर लगने वाला बल
`X=sqrt([(M+m_(0)g]^(2)+(Mg)^(2))`
(B)क्योंकि निकाय नीचेक की ओर गतिमान है। अतः X की गुरूत्वीय स्थितिज ऊर्जा घटेगी।
(C) क्योंकि निकाय ऊपर की ओर गतिमान है। अतः X+Y की कुल यान्त्रिक ऊर्जा नियत होगी।
(D)`tau_(p)!=0`
(s)
(A)X के कारण Y पर लगने वाला बल, उत्ला 2वन बल होगा जोकि Mg से कम होगा।
(B) क्योंकि गोला नीचे की ओर गतिमान है। अतः पानी का आयतन ऊपर की ओर जायेगा, अतः X की गुरूत्वीय स्थितिज ऊर्जा बढ़ेगी।
(C) क्योंकि यहां कोई असंरक्षी बल नहीं है अतः X+Y की कुल यान्त्रिक ऊर्जा नियत रहेगी।
(D)`tau!=0`
(t)
(A) क्योंकि गोला, नियत वेग से गतिमान है। `B+f_(r)=Mg` अतः X के कारण Y पर लगने वाला बल `B+f_(r)=Mg` होगा।
(B) क्योंकि गोला नीचे की ओर गतिमान है। अतः पानी का आयतन ऊपर की ओर जायेगा। जिससे X की गुरूत्वीय स्थितिज ऊर्जा बढ़ेगी।
(C) यान्त्रिक ऊर्जा में वृद्धि होगी `=W_(fr)=-ve`
(D) `tau_(p)!=0`