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Class 12
PHYSICS
प्रकाश विद्युत प्रभाव की घटना में निम्न ...

प्रकाश विद्युत प्रभाव की घटना में निम्न को परिभाषित कीजिए -
(i) कार्य फलन (ii) निरोधी विभव (अन्तक विभव ) (iii) देहली आवृत्ति

लिखित उत्तर

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(i) कार्य फलन - OK पर धातु के पृष्ठ से अधिकतम गतिज ऊर्जा वाले एक इलेक्ट्रॉन को मुक्त करवाने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को उस धातु का कार्य फलन कहते हैं । इसे `W_(0)` से प्रदर्शित करते हैं । इकाई इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) होती है । कार्य फलन का मान भिन्न - भिन्न धातुओं के लिए भिन्न - भिन्न होता है एवं धातु के पृष्ठ पर उपस्थित अशुद्धियों पर निर्भर करता हैं ।
(ii) निरोधी विभव (अंतक विभव ) - केथोड के सापेक्ष एनोड पर वह न्यूनतम ऋणात्मक वोल्टता जिस पर - केथोड से उतसर्जित इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण के कारण एनोड तक नहीं पहुँच पाते अर्थात प्रकाश विद्युत धारा शून्य हो जाती है निरोधी निभाव कहलाता है । निरोधी विभव `V_(0)` द्वारा इलेक्ट्रॉन पर किया गया कार्य `eV_(0)` उसकी अधिकतम गतिज ऊर्जा के तुल्य होता है अर्थात
`(1)/(7) mv_("max")^(2) = ev_(0)`
(iii) देहली आवृत्ति - धात्विक पृष्ठ पर आपतित प्रकाश की जिस न्यूनतम आवृत्ति पर धारा प्रवाह प्रारम्भ हो जाता है उसे देहली आवृत्ति कहते हैं अर्थात किसी धातु के लिए देहली आवृत्ति प्रकाशीय ऊर्जा की वह न्यूनतम आवृत्ति होती है जिससे कम आवृत्ति का प्रकाश डालने पर धातु की सतह से फोटो एलेक्ट्रॉनों का उतसर्जन प्रारम्भ नहीं होता है । इसे `upsilon_(0)` से प्रदर्शित करते हैं ।
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