खनिज कुपोषण से होने वाली हानियों का वर्णन कीजिये |
लिखित उत्तर
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खनिज लवण (minerals) भोजन का एक महत्त्वपूर्ण पोषक (nutrients) है। इनमें से कुछ शरीर के संरचनात्मक घटक बनाते हैं तो कुछ शरीर को जैव प्रक्रियाओं (life process) और उपापचय हेतु आवश्यक है। इनकी रोग कमी न्यूनता रोगों (deficiency diseases) के रूप में परिलक्षित होती है। खनिज कुपोषण से होने वाले प्रमुख विकार (disorders) निम्नलिखित हैं (1) (1) लौह (आयरन) आयरन रक्त के हीमोग्लोबिन का मुख्य अवयव है। शरीर में आयरन कुपोषण से रक्ताल्पता या खून की कमी (anaemia) हो जाती है। शरीर पीला पड़ जाता है तथा शीघ्र थकान होने लगती है। श्वसन भी प्रभावित होता है | (2) कैल्शियम कैल्शियम हड्डियों और दाँतों की मजबूती के लिए आवश्यक है। भोजन में इसकी कमी (कुपोषण) से बच्चों में सूखा रोग (रिकेट्स) तथा बडों आस्टियोमैलेसिया हो जाता है। इन रोगों में अस्थियाँ कमजोर व भंगुर (brittle) हो जाती हैं। (3) फॉस्फोरस फॉस्फोरस कपोषण से हड्डिया व दाँत-कमजोर हो जाते हैं। वृद्धि व विकास बाधित हो जाता है। (4) सोडियम पटेशियम - शरीर में सोडियम व पोटेशियम का संतुलन शरीर के उचित उपापचय के लिए आवश्यक है | सोडियम की कमी शरीर में जलहानि अथार्त निर्जलीकरण का कारण है | यह लवण मांसपेशी संकुचन में तांत्रकीय आवेश संचरण हेतु आवश्यक है | (5) आयोडीन- आयोडीन की कमी से मनुष्य में घेघा (goitre) रोग होते है | आयोडीन थाइराक्सिन हार्मोन बनाने हेतु आवश्यक है | गर्भवती महिला में बच्चों में आयोडीन की कमी से शारीरिक व मानसिक दुबर्लता उत्पन्न हो जाती है जिसे क्रेटिनिज्म (cretinism) कहते है |