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CHEMISTRY
HCI, HNO(3) आदि जलीय विलयन में अम्लीय ...

`HCI, HNO_(3)` आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नही प्रदर्शित होते हैं ?

लिखित उत्तर

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HCl तथा `HNO_(3)` अकार्बनिक अम्ल हैं। जब इन्हें जल में घोला जाता है तो ये आयनीकृत होकर `H^(+)` या `H_(3)O^(+)` आयन उत्पन्न करते हैं। इन आयनों की उपस्थिति के कारण ये अपने जलीय विलयन में अम्लीयता का गुण प्रदर्शित करते हैं।
`HCl(aq)hArrH_(3)O^(+)(aq)+Cl^(-)(aq)`
`HNO_(3)(aq)hArrH_(3)O^(+)(aq)+NO_(3)^(-)(aq)`
लेकिन ऐल्कोहॉल तथा ग्लूकोज़ कार्बनिक सहसंयोजी यौगिक हैं। जब इन्हें जल में घोला जाता है तो ये `H^(+)` आयन उत्पन्न नहीं करते और इस कारण से इनकी प्रकृति अम्लीय नहीं है।
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