परावर्तन के दो नियम हैं, जो निम्नलिखित हैं-
(i) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।
(ii) आपतन कोण तथा परावर्तन कोण सदा आपस में बराबर होते हैं। अर्थात् `angle i = angle r`
ये दोनों नियम निम्नलिखित प्रयोग द्वारा सिद्ध किए जा सकते हैं
प्रयोग-एक ड्राइंग बोर्ड पर पिनों की सहायता से एक सफेद कागज़ लगाओ। चित्र के अनुसार इस पर सरल रेखा AB खींचो। एक समतल दर्पण की पट्टी को लकड़ी के गुटके में फिट करके सफेद कागज़ के ऊपर इस प्रकार रखो कि दर्पण का पॉलिश किया हुआ धरातल रेखा AB पर पड़े। दर्पण के सामने दो पिनें P और. Q इस प्रकार लगाओ कि इनको मिलाने वाली रेखा दर्पण पर तिरछी पड़े और इन पिनों के बीच कम-से-कम 10 सेंटीमीटर की दूरी हो। दर्पण में P और Q पिनों के प्रतिबिंब देखकर दो पिन R तथा S इस प्रकार लगाओ कि P और के प्रतिबिंब तथा R और S एक सरल रेखा में हों। अब समतल दर्पण को हटाओ और पिनों को हटाकर | उनके स्थान पर छोटे-छोटे वृत्त लगाओ। Q और P को मिलाओ तथा S और R को मिलाओ और इन्हें आगे बढ़ाओ। ये AB रेखा पर बिंदु K पर मिलेंगे। KN रेखा AB पर लंब खींचो। कोण PKN आपतन कोण और RKN परावर्तन कोण हैं। इनको नापो। ये दोनों कोण आपस में बराबर हैं। आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब तीनों एक ही तल में हैं। इस प्रकार परावर्तन के दोनों नियम सिद्ध हो जाते हैं।
