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Class 8
PHYSICS
परिदर्शी की कार्यविधि का वर्णन कीजिए। इस...

परिदर्शी की कार्यविधि का वर्णन कीजिए। इसके क्या उपयोग हैं?

लिखित उत्तर

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परिदर्शी की कार्यविधि दो समतल दर्पणों से हुए परावर्तन पर द्वार आधारित है। वस्तु से आ रही समांतर किरणें ऊपर स्थित द्वार X में से प्रवेश कर ऊपर वाले दर्पण A पर `45^(@)` के कोण पर आपतित होती हैं तथा परावर्तित जधासमतल दर्पण होकर ट्यूब के अक्ष के समांतर चलकर नीचे वाले दर्पण B पर `45^(@)` के कोण पर आपतित होती हैं तथा फिर परावर्तन के पश्चात ट्यूब के अक्ष के समांतर होकर द्वार Y से बाहर निकल जाती हैं। इस प्रकार रुकावट के कारण अदृश्य वस्तु दिखाई देने लगती है।
परिदर्शी का उपयोग बहुत दूर किसी रुकावट के पीछे अदृश्य वस्तु को देखने के लिए किया जाता है। जैसे समुद्र में दूर से आते जहाजों को तथा सीमा पार शत्रु सैनिकों की गतिविधियों को देखने के लिए।
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