सौर परिवार के प्रथम चार ग्रह-बुध, शुक्र, पृथ्वी व मंगल अन्य ग्रहों की तुलना में सूर्य के अत्यंत निकट हैं, इन्हें आंतरिक ग्रह कहते हैं। इनका वर्णन निम्नलिखित प्रकार से है -
1. बुध (मर्करी) ग्रह-यह ग्रह सूर्य के सबसे निकट होने के कारण बहुत गर्म है। इस ग्रह पर कोई वायुमण्डल व जल न होने के कारण जीवन सम्भव नहीं है। इस ग्रह को सूर्योदय से तुरंत पूर्व अथवा सूर्यास्त के तुरंत बाद क्षितिज पर देखा जा सकता है। बुध व चंद्रमा का आकार व द्रव्यमान एक जैसा है। बुध ग्रह का कोई उपग्रह नहीं है।
2. शुक्र (वीनस) ग्रह-सूर्य से दूरी के हिसाब से यह दूसरा ग्रह है। यह सबसे चमकीला ग्रह है। यह सुबह पूर्वी आकाश में तथा शाम को पश्चिमी आकाश में दिखाई देने के कारण प्रातःतारा या सांध्यतारा कहलाता है। यह अपने पर पड़ रहे सूर्य के प्रकाश का 75% भाग परावर्तित कर देने के कारण सबसे चमकीला प्रतीत होता है। इसका द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान का `4/5` वा भाग है। इस ग्रह पर अधिक `CO_2` की उपस्थिति के कारण ग्रीन हाऊस प्रभाव होता है जो इसे गर्म बना देता है। इसी कारण इस ग्रह पर जीवन सम्भव नहीं है। इसका कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है।
3. पृथ्वी-यह सौर-परिवार का अकेला ग्रह है जिस पर जीवन सम्भव है। इस ग्रह पर जीवन की उपस्थिति का कारण ऑक्सीजन, पानी, उचित तापमान व रक्षात्मक आवरण का होना है। इसका एक प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा है।
4. मंगल ग्रह-इस ग्रह को लाल ग्रह कहा जाता है। इसे पृथ्वी से नंगी आँखों से देखा जा सकता है। इसके दो प्राकतिक उपग्रह हैं। इस ग्रह के वायुमण्डल में मुख्य तौर पर `CO_2` है तथा ऑक्सीजन बहुत कम मात्रा में है। इस ग्रह पर जीवन के अस्तित्व की अन्य सुविधाएँ भी नहीं हैं।