स्थिति-I जब `f_1` व `f_2` फोकस दूरी के दो समतलोत्तल लेन्स, चित्र में दर्शाए अनुसार समायोजित होते हैं तो. संयोजन की तुल्य फोकस दूरी

` (1)/(F_1) = (1)/(f_1) +(1)/(f_2) = (1)/(f) + (1)/(f) = (2)/(f) [because ` यहाँ `f_1= f_2` ]
` rArr " "F_1 = (f)/(2) " " ...(i)`
स्थिति- II यदि काँच के अपवर्तनांक के तुल्य अपवर्तनांक का पदार्थ (ग्लिसरीन), लेन्सों के मध्य खाली स्थान में भर दिया जाता है तो यह संयोजन तीन लेन्सों का संयोजन हो । जाता है, पहला द्वि-उत्तल, दूसरा द्वि-अवतल और तीसरा द्वि-उत्तल लेन्स होता है। अत: इस संयोजन की तुल्य । फोकस दूरी
` (1)/(F_2) = (1)/(f) + (1)/((-f)) +(1)/(f) = (1)/(f) rArr F_2= f ...(ii)`
समी ` F_1: F_2 = 1: 2`