क्रियाकलाप-
(i) एक आलू लेते हैं और इसके टुकड़े कर लेते हैं
(ii) प्रत्येक टुकड़े में एक आँख अवश्य रखते हैं। अब इन्हें मिट्टी में दबा देते हैं।
(iii) इस स्थान पर कुछ दिनों तक पानी डालते हैं और कुछ दिनों बाद आलू के टुकड़ों को मिट्टी से निकाल लेते है
(iv) हम देखते हैं कि प्रत्येक आँख से अंकुर विकसित हो गये हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि आलू की आँख से नया पादप विकसित हो सकता है।