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Class 12
PHYSICS
(a) दीर्घ दृष्टि दोष युक्त किसी व्यक्ति ...

`(a)` दीर्घ दृष्टि दोष युक्त किसी व्यक्ति का निकट बिंदु नेत्र से `75cm` दूर है| उस लेंस की आवश्यक क्षमता क्या होगी जो इस व्यक्ति को नेत्र से `25cm` की दुरी पर रखी पुस्तक को पढ़ने योग्य बना देगा|
`(b)` संशोधक लेंस किस प्रकार उपर्युक्त व्यक्ति की सहायता करता है? क्या लेंस नेत्र के निकट की वस्तुओ को आवर्धित करता है?
`(c )` उपर्युक्त व्यक्ति आकाश देखे समय अपना चश्मा उतारना चाहता है| स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों है?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
`+2*67D`

`(a)` उसे ऐसे लेंस का उपयोग करना चाहिए जो `25cm` की दुरी पर स्थित वस्तु का प्रतिबिंब `75cm` की दुरी पर बना दे अर्थात `u=-25cm` तथा `v=-75cm`
लेंस सूत्र `(1)/(v)-(1)/(u)-(1)/(f)` से,
या `(1)/(-75)-(1)/(-25)=(1)/(f)` या `(1)/(f)=(-1)/(75)+(1)/(25)=(2)/(75)`
या `f=(75)/(2)=37*5cm`
`:.` क्षमता `P=(100)/(f)=(100)/((75)/(2))=(200)/(75)=+2*67D`
`(b)` संशोधक लेंस (उतल लेंस) `25cm` की दुरी पर स्थित वस्तु का आभासी प्रतिबिंब `75cm` की दुरी पर बनता है किंतु उसके प्रतिबिंब का कोणीय आकार वही रहता है| इस प्रकार संशोधक लेंस वस्तु को आवर्धित नहीं करता| वास्तव में संशोधक लेंस वस्तु के प्रतिबिंब को नेत्र के निकट बिंदु पर बना देता है जिसे नेत्र लेंस रेटिना पर फोकस कर देता है|
`(c )` दीर्घ दृष्टि दोष युक्त व्यक्ति का दूर बिंदु अनंत पर होता है| अतः अनंत से आने वाली समांतर किरणे उसकी रेटिना पर फोकस होती है| यदि वह संशोधक लेंस (उत्तल लेंस) लगे चश्मा का उपयोग करते हुए दूर की वस्तुओ (आकाश) को देखता है तो दूर से आने वाली समांतर किरणे रेटिना से पहले फोकसित हो जाएँगी | फलस्वरूप दूरस्थ वस्तु का स्पष्ट प्रतिबिंब रेटिना पर नहीं बनेगा | अतः दीर्घ दोष युक्त नेत्र वाला व्यक्ति आकाश को देखते समय चश्मा को उतारना चाहता है|
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