Home
Class 12
BIOLOGY
जल विभव को स्पष्ट करें।...

जल विभव को स्पष्ट करें।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

शुद्ध जल के अणुओं की मुक्त ऊर्जा एवं विलयन में उपस्थित जल के अणुओं की मुक्त ऊर्जा के बीच के अन्तर को जल विभव (Water potential) कहते हैं । जल विभव को ग्रीक शब्द साई `(psi)` से दर्शाया जाता है। जल विभव की सामान्य इकाई पास्कल (Pa) होती है।
` जल विभव (psi) = [शुद्ध जल के अणुओं की मुक्त उर्जा] - [विलयन में जल के अणुओं की मुक्त उर्जा]`
आधुनिक विचारधारा के अनुसार विसरण दाब न्यूनता (DPD) को जल विभव `(psi_(W))`, परासरण दाब (OP) को परासरण विभव `(psi_(S))` तथा स्फीति दाब (TP) को दाब विभव `(psi_(P))` के रूप में दर्शाया जाता है। अतः इस अवधारण के आधार पर जल विभव, परासरणी विभव तथा दाब विभव में निम्न सम्बन्ध होता है-
जल विभव = परासरणी विभव + दाब विभव
`psi_(W) = psi_(S) + psi_(P)
जल विभव `(psi_(W))` तथा परासरणी विभव `(psi_(S))` का मान ऋणात्मक होता है जबकि दाब विभव `(psi_(P))` का मान धनात्मक होता है। शुद्ध जल का जल विभव मान शून्य (zero) होता है जो सर्वाधिक होता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • पादप जल सम्बन्ध

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न - उत्तर ( निबन्धात्मक प्रश्नोत्तर )|3 Videos
  • पादप जल सम्बन्ध

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न - उत्तर ( अतिलघुत्तरात्मक प्रश्नोत्तर)|5 Videos
  • पादप जनन की विशिष्ट विधियाँ

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न - उत्तर ( निबंधात्मक प्रश्नोत्तर )|2 Videos
  • पादप वृद्धि

    SCIENCE PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-उत्तर (निबन्धात्मक प्रश्नोत्तर)|10 Videos