एक खुरदरे पथ के शीर्ष से 1kg द्रव्यमान के एक गुटके को विरामावस्था से छोड़ा जाता है । यह पथ 40m त्रिज्या का वृत्तीय चाप है । गुटका अपने पथ पर बिना पलते खिसकता है । इस गुटके पर एक घर्षण बल तात्क्षणिक वेग की विपरीत दिशा में लगता है। चित्र में दर्शाये अनुसार Q तक आने के लिए घर्षण को अतिकर्म करने के लिए 150J कार्य करना पड़ता है। (गुरुत्वीय त्वरण g का मान = `10ms^(-2)` लीजिये)
बिंदु Q पर, गुटके पर लगने वाले अभिलम्ब प्रतिक्रिया का परिमाण है