Home
Class 12
BIOLOGY
DNA के एक जनक रज्जुक पर, DNA के असतत संश...

DNA के एक जनक रज्जुक पर, DNA के असतत संश्लेषण का क्या कारण है? संश्लेषित DNA के ये छोटे खण्डों का क्या होता है?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

(i) DNA का संश्लेषण सदैव 5.`to` 3. दिशा में होता है। यह द्विरज्जुकी DNA में दोनों रज्जुक एक दूसरे के प्रतिसमानान्तर तथा पूरक प्रकृति के होते हैं। अत: DNA संश्लेषण के दौरान दोनों रज्जुक सांचे की भांति कार्य करते हैं, केवल एक रज्जुक (3.-5.) 5. `to` 3. दिशा में पूरक रज्जुक संश्लेषित हो सकता है। अन्य रज्जुक (5. `to` 3.) छोटे-छोटे खण्डों के रूप में विपरीत दिशा में, जैसे कि प्रतिकृति द्विशाख के बढ़ने के साथ संश्लेषण होता है। इसीलिए DNA के एक जनक रज्जुक पर DNA का असतत संश्लेषण होता है।
(ii) ये छोटे खण्ड ओकाजाकी खण्ड कहलाते हैं। आपस में लाइगेज एन्जाइम द्वारा जुड़कर लम्बी श्रृंखला बनाते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • वंशागति का आण्विक आधार

    NCERT EXEMPLAR HINDI|Exercise प्रकरण - 1 (लघु उत्तरीय प्रश्न)|10 Videos
  • वंशागति का आण्विक आधार

    NCERT EXEMPLAR HINDI|Exercise प्रकरण - 1 (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)|3 Videos
  • वंशागति का आण्विक आधार

    NCERT EXEMPLAR HINDI|Exercise प्रकरण - 4 (दीर्य उत्तरीय प्रश्न)|3 Videos
  • वंशागति एवं विविधता के सिद्धांत

    NCERT EXEMPLAR HINDI|Exercise प्रकरण - 3 (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)|2 Videos
  • विकास

    NCERT EXEMPLAR HINDI|Exercise प्रकरण-4 (मानव की उत्पत्ति और विकास) (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)|1 Videos